घर के आंगन से घसीटकर ले गया था, गन्ने के खेत में मिला अधखाया शव
लखीमपुर। तेंदुए ने सात साल की बच्ची को मार डाला। बच्ची सोमवार शाम करीब 7 बजे घर के आंगन में खेल रही थी। तभी तेंदुआ उसे जबड़े में उठाकर ले गया। पिता ने बेटी को बचाने के लिए तेंदुए का पीछा किया।
वह करीब 200 मीटर तक दौड़े, लेकिन तेंदुआ गन्ने के खेत में घुस गया। रातभर तलाश के बाद मंगलवार सुबह करीब 8:30 बच्ची का शव मिला। शव घर से करीब 500 मीटर दूर गन्ने के खेत में पड़ा था। बच्ची का शव क्षत-विक्षत हालत में मिला। उसका सिर धड़ से अलग था। इस घटना से गांव के लोगों में डर का माहौल है। मामला जिला मुख्यालय से करीब 75 किलोमीटर दूर धौरहरा वन रेंज के बोझिया गांव का है।
बोझिया गांव निवासी संपत गिरी (40 वर्षीय) पेशे से किसान हैं। उनके घर में उनके साथ दो जुड़वा बच्चे विकास और सान्या (7) रहते हैं। पत्नी की 07 साल पहले मौत हो चुकी है। सोमवार शाम करीब 7 बजे बेटी सान्या बजे घर के आंगन में बैठी थी। तभी अचानक एक तेंदुआ वहां पहुंच गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, तेंदुए ने बच्ची को अपने जबड़े में दबोच लिया। इसके बाद वह बच्ची को घसीटते हुए वहां से भागने लगा।
बेटी को तेंदुए के जबड़े में देखकर पिता संपत गिरी उसके पीछे दौड़ पड़े। उन्होंने करीब 200 मीटर तक तेंदुए का पीछा किया। लेकिन तेंदुआ बच्ची को लेकर गन्ने के खेत में घुस गया। घना खेत होने के कारण वह दिखाई देना बंद हो गया। पिता अपनी बेटी को बचाने में नाकाम रहे। रो-रोकर चिल्लाने लगे। शोर सुनकर गांव के कई लोग मौके पर जमा हो गए।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। बच्ची की तलाश के लिए पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद पढ़ुआ थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर आसपास के खेतों में तलाश शुरू की।
रात होने के बावजूद तलाशी अभियान जारी रहा। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस और ग्रामीण गन्ने के खेतों में बच्ची को खोजते रहे। इसी दौरान खेत में बच्ची के कपड़े मिले। इससे परिवार की चिंता और बढ़ गई। इसके बाद बच्ची की तलाश बंद नहीं की गई।
मंगलवार सुबह घर से करीब 500 मीटर दूर गन्ने के खेत में बच्ची का शव मिला। तेंदुए के हमले में बच्ची की मौत हो चुकी थी। शव की हालत देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। बच्ची का शव क्षत-विक्षत हालत में मिला। उसका सिर धड़ से अलग था।
घटना के बाद गांव के लोग तेंदुए की मौजूदगी को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि तेंदुआ आसपास के खेतों में छिपा हो सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। ग्रामीण वन विभाग से क्षेत्र में तेंदुए की तलाश कराने और लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग कर कर रहें हैं।
बच्ची को तेंदुए के उठा ले जाने की सूचना पर पढ़ुआ थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस गन्ने के खेत और आसपास के इलाके में तलाशी अभियान चला रही है। थानाध्यक्ष मोहित पुंडीर ने बताया कि सोमवार शाम तेंदुआ 7 साल की बच्ची को घर से उठाकर ले गया था। रातभर बच्ची की तलाश की गई। मंगलवार सुबह बच्ची का शव गन्ने के खेत से बरामद हुआ।