मेरठ। नवरात्र की षष्ठी तिथि देवी कात्यानी की शक्तिधाम मन्दिर में संत श्री नीरज मणि जी द्वारा माता की ज्योति जलाकर यजमानों को पूजा अर्चना कराकर सत्संग का प्रारम्भ गणेश जी की वंदना पूज्यनीय आज गणेश प्रथम प्रणाम करूं के साथ किया । सत्संग हाल में उपस्थित भक्तजनों द्वारा अलग-अलग माता की भेटे व गुरुओं के प्रति आस्था का गुणगान किया गया।
संत महाराज जी द्वारा माता की भक्तिरस गीतों से हाल में उपस्थित श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया तथा उसके पश्चात अपने प्रवचनों द्वारा कहा गया कि सत्संग में जाकर यदि हमारे विचार नहीं बदले ले हमारी अवस्था ऐसी है जैसे पांच साल पहले भी बच्चा पांचवी कक्षा में था और आज भी पांचवी क्लास में ही है। महाराज जी ने कहा कि जिन्दगी जब तक रहेगी, फुरसत न होगी काम से । कुरु समय ऐसा निकालो, प्रेम कर लो श्री राम से। संत जी ने बताया कि नाम-जाप से साधक की साधना श्रद्धा पूर्वक होनी चाहिए। अन्त में माता रानी की आरती कर सत्संग समाप्त दिया।