– शादी में लवमैरिज करने वाली बहन को बुलाने पर भड़के रिश्तेदार।
झांसी। एक शादी समारोह के दौरान पुरानी रंजिश ने खूनी रूप ले लिया। भाई ने 10 साल पहले लव मैरिज कर घर छोड़ने वाली बहन को अपनी शादी में बुला लिया तो रिश्तेदार भड़क गए। पहले बारात में मारपीट हुई, फिर रिसेप्शन के बाद घर पर हमला बोल दिया गया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच ईंट-पत्थर चले और फायरिंग भी हुई। फायरिंग में पड़ोस में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला को गोली लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं उनके बेटे को भी छर्रे लगे हैं। वह अस्पताल में भर्ती है। पुलिस ने मौके पर जांच-पड़ताल कर चार लोगों को हिरासत में लिया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

भांडेरी गेट मोहल्ला निवासी रेलकर्मी बृज किशोर के पांच बच्चे (अनिल वाल्मीकि, वंदना, अमित, संध्या और मुस्कान) हैं। 21 फरवरी को अमित की शादी थी। अमित की भाभी वर्षा ने बताया कि साल 2016 में मेरी ननद संध्या ने मोहल्ले के ही रोहित से लव मैरिज कर ली थी। रोहित मेरे भतीजे जितेंद्र वाल्मीकि के चाचा का साला है। उनका घर मेरे बगल में ही है। इस बात से हम लोग नाराज थे। इसी को लेकर उस समय दोनों परिवारों के बीच पंचायत हुई थी।
पंचायत में जितेंद्र ने अमित से साफ कह दिया था कि वह आगे से संध्या और उसके पति को घर नहीं बुलाएगा और उनसे कोई संबंध नहीं रखेगा। इसके बाद हमने संध्या से रिश्ता तोड़ लिया। बीते 10 सालों से उसे मायके आने नहीं दिया गया।
संध्या के भाई अमित की शादी थी। बारात ललितपुर जानी थी। परिवार में आखिरी शादी होने के कारण अमित ने 10 साल बाद अपनी बहन संध्या और बहनोई रोहित को शादी में बुलाया था। बारात में जितेंद्र और उसके भाई भी शामिल होने पहुंचे।
जैसे ही उन्होंने संध्या और रोहित को देखा, वे नाराज हो गए और रोहित के साथ मारपीट शुरू कर दी। वहां मौजूद लोगों ने समझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद संध्या ने इस मामले में पुलिस से शिकायत भी की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
रिसेप्शन के बाद बढ़ा तनाव
अमित का रिसेप्शन था। यहां भी जितेंद्र ने संध्या और रोहित को देखा, लेकिन उस दिन कोई विवाद नहीं किया। अगले दिन हम लोग घर पर बैठे थे। मेहमान अपने-अपने घर जा चुके थे। इसी दौरान जितेंद्र अपने भाई नितेश और छोटू के साथ घर पहुंचा और हमला बोल दिया। हमने विरोध किया तो उन्होंने पथराव शुरू कर दिया और फायरिंग की।
झगड़ा देख रही महिला को लगी गोली
इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली कुसुम अपने घर की खिड़की पर खड़ी होकर झगड़ा देख रही थीं। उनके साथ उनका बेटा राहुल वाल्मीकि भी था। फायरिंग के दौरान उन्हें गोली लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। कारतूस से निकले छर्रे राहुल की छाती में धंस गए। गंभीर हालत में राहुल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कुसुम पर टिका था परिवार का सहारा
मृतक कुसुम की बहू ने बताया कि मेरे ससुर रज्जन वाल्मीकि पिछले चार साल से लकवाग्रस्त हैं। परिवार का पूरा खर्च कुसुम ही उठाती थीं। वह नगर निगम में संविदा सफाईकर्मी के रूप में काम कर रही थीं। मेरी सास और राहुल को बिना किसी गलती के निशाना बनाया गया। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।


