तेहरान। इजरायल और अमेरिका लगातार ईरान पर हमला कर रहे हैं। आज युद्ध का 15वां दिन है और अभी भी युद्ध की समाप्ति के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। ट्रंप का कहना है कि मेरे निर्देश पर यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने मध्य पूर्व के इतिहास में सबसे शक्तिशाली बमबारी हमलों में से एक को अंजाम दिया, और ईरान के सबसे अहम ठिकाने, खर्ग द्वीप पर मौजूद हर सैन्य लक्ष्य को पूरी तरह से तबाह कर दिया। वहीं ईरान का कहना है कि वह अमेरिका और इजरायल से हर मौत का बदला लेंगे। इसके बाद ईरान ने बंदर अब्बास में अमेरिका के एमक्यू-9 ड्रोन को मार गिराया।

बता दें कि इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी-7 नेताओं से कहा कि ईरान सरेंडर करने वाला है और उन्होंने ‘आॅपरेशन एपिक फ्यूरी’ में सफलता का दावा भी किया। ‘एक्सियोस’ की खबर के अनुसार, ईरान के साथ युद्ध के आर्थिक नतीजों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, ट्रंप ने बुधवार को जी-7 नेताओं के साथ डिजिटल माध्यम से बैठक के दौरान यह दावा किया। ट्रंप ने नेताओं से कहा मैंने एक ऐसे कैंसर से छुटकारा दिलाया है जो हम सभी के लिए खतरा था।
जी-7 के नेताओं ने डोनाल्ड ट्रंप से युद्ध को शीघ्र समाप्त करने का आग्रह किया। अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि फोन पर हुई बातचीत के दौरान जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप से आग्रह किया कि वह रूस को युद्ध का फायदा उठाने या प्रतिबंधों में राहत प्राप्त करने की अनुमति न दें। यूरोपीय नेताओं द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं के बावजूद, अमेरिका ने अन्य देशों को रूसी तेल को खरीदने के लिए अस्थायी रूप से अनुमति देने की घोषणा की। अमेरिका ने ईरान के खर्ग द्वीप पर भयंकर बमबारी की है।
इससे पूरा आइलैंड तबाह हो गया है। अमेरिका द्वारा किए गए इस हमले में तबाही का वीडियो भी सामने आ गया है। रॉकेट हमलों का सामना कर रहे उत्तरी इजराइल के अरब निवासी आश्रय स्थलों की कमी को लेकर आक्रोशित हैं। हिज्बुल्लाह के रॉकेट हमलों और ईरान से दागी गई मिसाइलों से खतरे में पड़े उत्तरी इजराइल के अरब कस्बों के निवासी सार्वजनिक आश्रय स्थलों की कमी की शिकायत कर रहे हैं।


