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Monday, January 12, 2026
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एक ही दिन में कैसे हो गए 24 दलित असाध्य बीमार, चिकित्सा विभाग और प्रशासन पर भी लगाए गंभीर आरोप

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– राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर द्वारा दलित पट्टों की जमीन मामले में आप जिलाध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। कायस्थ गांवड़ी गांव में दलितों की पट्टे वाली जमीन में बड़ा घोटाला हुआ है। यकायक गांव में 40 से अधिक दलितों की जमीनों की खरीद-फरोख्त हुई है। आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी ने इस पूरे मामले को लेकर न केवल राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर बल्कि प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

 

 

आप जिलाध्यक्ष का आरोप है कि भाजपा नेता की ट्रस्ट के नाम पर ये जमीनें खरीदी गई हैं। आप जिलाध्यक्ष ने सोमवार को प्रेसवार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया है। आप जिलाध्यक्ष ने भाजपा नेता पर इन जमीनों की नियम विपरीत खरीद का आरोप लगाया है। कहा कि एक बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है जिसमें गरीबों, दलितों की जमीनों को खरीदा गया हे। तमाम कागज भी आप जिलाध्यक्ष ने पेश किए हैं।

आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी ने प्रेसवार्ता करते हुए पूरे मामले को उजागर किया। कहा कि कायस्थ गांवड़ी गांव में कुल 43 लोगों की जमीनें खरीदी गईं। राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर जिस ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं, उस ट्रस्ट के नाम से ये जमीनें खरीदी गईं। इसमें 38 लोगों को बीमार बता दिया गया। क्या कायस्थ गावड़ी गांव मेंकोई महामारी फैली थी? जिसके कारण ये सर्टिफिकेट बने जिसमें बताया गया कि ये असाध्य बीमारी से पीड़ित हैं। जबकि नौ लोगों को बता दिया गया कि वो जिला छोड़कर जा रहे हैं। एसडीएम सदर के पास 28 अगस्त 2024 को नौ लोग पहुंचते हैं कि हमें जमीन बेचनी है। हम जिला छोड़कर जा रहे हैं वहां से विस्थापित हो रहे हैं।

 

 

अंकुश चौधरी ने कहा कि यह पूरा मामला सत्ता के दबाव में हुआ है। जिन लोगों को जनपद से बाहर जाना बताया गया है, वो अभी भी यहीं रह रहे हैं। जबकि सबसे बड़ा सवाल ये है कि एक दूसरे से सटे भूखंडों के मालिकों को असाध्य रोग होना, खुद में चौंकाने वाला है। ऐसे में साफ नजर आता है कि चिकित्सकों के पैनल ने भी सांठगांठ कर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार करते हुए दलित पट्टों की जमीन बिकवाने में साज की है।

नियमों को पूरा कराने में किया घोटाला

दलित पट्टों की जमीन बिकने में नियम है कि यदि पट्टेदार किसी असाध्य बीमारी से ग्रसित है और वह इस जमीन पर खेती आदि नहीं कर सकता है, तो उसकी जमीन बिक सकती है। इसके साथ ही यदि कोई जनपद छोड़कर बाहर जा रहा है, तब भी उसकी जमीन बिक सकती है। इन्हीं नियमों को पूरा कराने के फेर में सत्ता के दबाव में पूरे प्रशासनिक अमले और चिकित्सा विभाग ने खेल किया है।

शासन से न्याय नहीं मिला तो जाएंगे अदालत

अंकुश चौधरी ने कहा कि यह बहुत बड़ा भ्रष्टाचार है। इसकी शिकायत साक्ष्यों सहित शासन को भेजी जा रही है। यदि समय रहते वहां से सुनवाई नहीं हुई तो पूरे मामले को लेकर वह हाईकोर्ट जाएंगे।

 

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