नई दिल्ली। स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट, जैप्टो, अमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसे डीजिटल प्लेटफॉर्म और आॅनलाइन डिलीवरी एप्स के लिए काम करने वाले गिग वर्कर्स ने एक बार फिर से 31 दिसंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल करने का एलान किया है। इन वर्कर्स ने कहा कि घंटों की मेहनत के बाद ना उन्हें सही मेहनताना मिलता है और ना ही सही माहौल और सुरक्षा मिलती है।

इन गिग वर्कर्स का आरोप है कि कंपनी चाहे जो भी हो मनमाने ढंग से डिलीवरी पेमेंट, इंसेंटिव और बोनस घटा रही हैं, पहले कम दूरी के लिए भी गुजारे लायक पैसा मिलता था लेकिन अब डिलीवरी की बढ़ती दूरी के साथ पेमेंट घटती जा रही है।
हालात ये हैं कि अक्सर 7 से 8 घंटे का काम करने और दर्जनों डिलीवरी करने के बावजूद कमाई के नाम पर 400 से 500 रुपए ही मिलते हैं। मजबूरी वश घर चलाने के लिए 17 से 18 घंटे काम करना पड़ता है। ऊपर से कम समय में ज्यादा डिलीवरी करने का दवाब रहता है।
अगर रास्ते में जाम मिल जाए तो ग्राहक बुरा व्यवहार करते हैं और अगर जल्दी पहुंचने के चक्कर में कोई हादसा हो जाए तो ना ही इलाज की सुविधा मिलती है ना ही इंश्योरेंस।


