एक्सप्रेसवे के क्रैश बैरियर काटने और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप
सहारनपुर। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के 6 लेन एक्सप्रेसवे पर सहारनपुर बाईपास से गणेशपुर के बीच बने एक्सप्रेसवे पर लगे क्रैश बैरियर काटकर रास्ता खोलने और उन्हें दोबारा लगाए जाने के दौरान सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में नागल पुलिस ने आठ ढाबा संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। एनएचएआई के साइट इंजीनियर की तहरीर पर पुलिस ने बुधवार सुबह आठ बजे केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, सहारनपुर बाईपास से गणेशपुर के बीच दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। एक्सप्रेसवे की सुरक्षा के लिए मीडियन और शोल्डर पर थाई बीम क्रैश बैरियर लगाए गए हैं। एनएचएआई का आरोप है कि मार्ग पर स्थित कुछ होटल और ढाबा संचालकों ने अपने निजी आवागमन के लिए इन क्रैश बैरियरों को अलग-अलग जगह से काटकर खोल दिया।
एनएचएआई के पीआईयू रुड़की के साइट इंजीनियर आकाश सिंह ने नागल थाने में दी तहरीर में बताया कि काटे गए क्रैश बैरियरों को दोबारा स्थापित करने के लिए टीम मौके पर काम कर रही थी। आरोप है कि इसी दौरान संबंधित होटल और ढाबा संचालक वहां पहुंच गए और टीम के सरकारी काम में बाधा उत्पन्न की। इससे एक्सप्रेसवे पर बैरियर लगाने का काम प्रभावित हुआ है।
शिकायत में लाखनौर के शिवा ढाबा संचालक मदन पाल, विनायक ढाबा के सतीश कुमार, बाबा टी स्टॉल के योगेंद्र, महादेव ढाबा के जसबीर, कपासी के पंजाबी ढाबा संचालक सुशील कुमार, शिवा टूरिस्ट ढाबा के रजत चौधरी, फारमर फूड ढाबा के ओमवीर और अपना मन्नत ढाबा के राजवीर के नाम दर्ज हैं। क्रैश बैरियर काटे जाने के स्थानों में किलोमीटर 47100 से 48400 के बीच के हिस्से शामिल बताए गए हैं।
एनएचएआई अधिकारी ने पुलिस से मामले की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में कार्रवाई और एक्सप्रेसवे का काम निर्बाध रूप से पूरा कराने के लिए आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराने की मांग की थी। नागल पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
फिलहाल पुलिस क्रैश बैरियर काटे जाने, सरकारी कार्य में बाधा और नामजद लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।