spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Tuesday, February 3, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Homeउत्तर प्रदेशMeerutमेरठ: अधिग्रहण के नाम पर खेती को किया जा रहा खत्म

मेरठ: अधिग्रहण के नाम पर खेती को किया जा रहा खत्म

-

  • भारतीय किसान यूनियन इंडिया के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर दिया ज्ञापन।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन इंडिया के दर्जनों कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एक ज्ञापन डीएम कार्यालय में सौंपा। ज्ञापन में कहा कि खेती का रकबा तय करने और उद्योग के साथ ही हाईवे के नाम पर खेती की जमीन की सुरक्षा के संबंध में किसान प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार मांग कर चुके हैं। लेकिन आजकल भी उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों और हाईवे निर्माण के लिए बड़ी मात्रा में कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे किसानों की आजीविका और प्रदेश की खाद्य सुरक्षा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए भारतीय किसान यूनियन इंडिया के किसान यह मांग करते है कि, प्रदेश में खेती का रकबा तय किया जाए और उद्योगों-हाईवे पर हो रहे अवैध निमार्णों और कृषि भूमि के अधिग्रहण पर रोक लगाई जाए, खेती का रकबा कम न किया जाये, उद्योग और हाईवे के लिए बंजर या अनुपयोगी भूमि का ही उपयोग किया जाये, खेती में उपयोग होने वालों उपकरणों और अन्य यंत्रों को जीएसटी से मुक्त किया जाये, खेती के उपकरणों की खरीद पर किसानों को सब्सिडी दी जाये, खेती में प्रयुक्त ट्रैक्टर की 10 वर्ष समयावधि को समाप्त किया जाये, ट्यूबवेल पर 5 किलोवाट तक का सोलर पैनल मुफ्त लगाया जाये, ग्रामीण क्षेत्रों को बिजली कटौती से मुक्त किया जाये।

वहीं दूसरी ओर संयुक्त किसान मोर्चा के भी कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने खाद और बीज पर सब्सिडी देने, बिजली का निजीकरण न करने, बिजली दरों में की गई वृद्धि पर तुरंत रोक लगाने, नलकूपों पर मीटर और घरों में स्मार्ट मीटर पर रोक लगाने की मांग उठाई।

 

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

4,000,000FansLike
100,000SubscribersSubscribe

Latest posts