– हापुड़ में लेखपाल की मौत का मामला, कहा- 14 साल में पहली बार मिला ईमानदार अधिकारी।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। धौलाना तहसील में एक विवादास्पद घटना सामने आई है। लेखपाल सुभाष मीणा को 500 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद से जिले में दो अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक तरफ लेखपाल समुदाय डीएम अभिषेक पांडे की बर्खास्तगी की मांग कर रहा है। हापुड़ जिलाधिकारी के मुख्यालय में उनका प्रदर्शन जारी है। जबकि किसान संगठन उनका समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि हापुड़ जब से जिला बना है अभी तक ऐसा अधिकारी नहीं मिला। उनका कहना है कि प्रदेश को ईमानदार अधिकारियों की जरूरत है।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक व किसान सेना) ने डीएम अभिषेक पांडे का समर्थन किया है। उन्होंने कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा है। किसान यूनियन का कहना है कि पिछले 14 वर्षों में पहली बार जिले को एक ईमानदार अधिकारी मिला है। डीएम भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं। इसी के साथ किसानों के हितों में भी काम किया जा रहा है।
वर्तमान में मामले की जांच चल रही है। अधिकारी इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि लेखपाल की आत्महत्या के पीछे क्या कारण थे और क्या डीएम के खिलाफ लगाए गए आरोप सही हैं। किसान यूनियन के पदाधिकारी ने कमिश्नर ऋषिकेश भास्कर यशोद को ज्ञापन दिया। जिसमें निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।


