शारदा रिपोर्टर मेरठ। विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन चढूनी के दर्जनों सदस्यों ने कमिश्नरी चौराहे पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने एक ज्ञापन डीएम कार्यालय पर सौंपते हुए बताया कि, भारतीय किसान यूनियन चढूनी में बीते वर्ष निजी स्कूलों में चल रही मनमर्जी के खिलाफ प्रशासनिक अधिकारियों को एक शिकायत पत्र सौंपा था। जिनमे बताया गया था कि, शहर के तमाम बड़े और छोटे स्कूलों द्वारा जबरन कक्षा में विद्यार्थियों से किताब कॉपी एडमिशन फीस, बिल्डिंग फीस, स्कूल ड्रेस एवं मनमर्जी से स्कूल की ट्यूशन फीस, मनमानी तरीके के वसूल की जा रही है। जो बेहद निंदनीय और चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि, अभिभावकों की इस समस्याओं को देखते हुए पूर्व में भी एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को दिया था। लेकिन, ना तो प्रशासनिक अधिकारियों ने अभिभावकों की इस गंभीर समस्या को समझना चाहा और ना ही विद्यालय निरीक्षक कार्यालय एवं कार्यालय ने कोई संतोषजनक जवाब या करवाई की। जबकि, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी इन स्कूलों के खिलाफ तो कोई कार्रवाई नहीं हुई और जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा भी गैर जिम्मेदाराना रवैया देखने को मिला।
उन्होंने कहा कि, अधिकारियों की लापरवाही या उदासीनता से ये माना जाय कि जनपद प्रशासन किसानों की बातों को गंभीरता पूर्वक नहीं लेते है। जिसको भारतीय किसान यूनियन चढूनी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा और अगर किसानों की इन समस्याओं के समाधान के लिए प्राशसनिक अधिकारियों ने समाधान नहीं किया तो भारतीय किसान यूनियन चढूनी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा।


