– विदेश मंत्री ने कहा कि भारत शांति के पक्ष में, ईरान जंग पर राज्यसभा में हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट।
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का दूसरा फेज सोमवार से शुरू हुआ। विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए लोकसभा में आज प्रस्ताव लाएगा। उधर, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग पर स्पीच दी।
विदेश मंत्री के बोलते ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। जयशंकर ने कहा, ‘इस समय ईरान की लीडरशिप से कॉन्टैक्ट मुश्किल है, लेकिन भारत शांति और बातचीत के पक्ष में है।’ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ह्यमिडिल ईस्ट जंग का भारत पर असर,एनर्जी संकट पर शॉर्ट डिबेट हो।
उधर, आज लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को हटाने की मांग वाले विपक्ष के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इसको लेकर जमकर हंगामे के आसार हैं। कांग्रेस समेत विपक्ष के 118 सांसदों ने 10 फरवरी को लोकसभा सचिवालय को साइन किया नोटिस सौंपा था। आरोप लगाया था कि स्पीकर सदन की कार्यवाही में निष्पक्षता नहीं बरत रहे हैं और विपक्ष को पर्याप्त मौका नहीं दे रहे हैं।
केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन लाने पर पछतावा होगा। उन्होंने कहा कि मोशन बिना “किसी कारण” के और सिर्फ “एक आदमी की जिद” को पूरा करने के लिए लाया गया था। भाजपा सदन में पूरी तरह से जवाब देने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि संसद के बजट सेशन का दूसरा हिस्सा आज शुरू होने वाला है। दुख की बात है कि यह लोकसभा स्पीकर के खिलाफ एक मोशन के साथ शुरू हो रहा है, जिसे विपक्ष, खासकर कांग्रेस पार्टी, उन्हें हटाने के लिए लाई है। हम इसका जवाब देंगे, लेकिन कांग्रेस को सोचना चाहिए कि वे संवैधानिक पदों और संवैधानिक गरिमा को कमजोर करने के लिए किस हद तक जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कोर्ट की टिप्पणियों की आलोचना करते हैं। वे चुनाव आयोग की अवहेलना करते हैं। कांग्रेस पार्टी डेमोक्रेसी को नजरअंदाज करती है और एक परिवार में यकीन करती है।
एस जयशंकर ने कहा कि कल तक हमारे लगभग 67000 भारतीय लौटने के लिए इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर चुके हैं, वेस्ट एशिया से हमारे लोगों को वापस लाने की पूरी कोशिश की जा रही है।
भाजपा सांसद जेपी नड्डा ने कहा कि देश के इंटरेस्ट में जो भी काम होता है, तब-तब विपक्ष सदन से वॉक आउट कतता है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट के हालतों पर भारत की मंशा, सरकार ने किस तरह से इसमें काम किया है। जयशंकर जी ने इस पर साफ तौर पर बताया है। एनर्जी के मुद्दे पर भी जयशंकर जी ने सब कुछ बताया है, जो विपक्ष ने पूछा था। दुख के साथ कहना पड़ रहा है विपक्ष का व्यवहार गैर जिम्मेदाराना है। इसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है।
विदेश मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने खुद गल्फ देशों में बात की है। डिप्लोमैटिक चैनलों से लगातार चर्चा जारी है। हम प्रभावित देशों में लगातार संपर्क में हैं। यहां के हालातों पर नजर रखी जा रही है। ईरान के विदेश मंत्री से हमने बात की है।
भारत शांति के पक्ष में हैं। बातचीत से समस्या का समाधान निकालने के पक्ष में है। हम वहां की सरकारों के साथ मिलकर काम करने के पक्ष में हैं। ईरान के एक जहाज को हमने शरण दी है। उन्होंने कहा , ‘भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए सजग है। खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय रहते हैं।
खाड़ी देशों में शांति और स्थिरता काफी चुनौती पूर्ण हैं। भारत सरकार की सभी हालात पर नजर बनी हुई है। खाड़ी देशों के हालात के कारण सप्लाई चैन प्रभावित हुई है। हमारी एंबेसी नागरिकों के संपर्क में है। हमने जनवरी में भी अलर्ट किया था। ईरान छोड़ने के लिए समय रहते लोगों को बताया था। एंबेसी लगातार लोगों के संपर्क में है। हमने समय पर ही अपने नागरिकों को सतर्क किया था।
विदेशमंत्री एस जयशंकर ने कहा, ’28 फरवरी से मिडिल ईस्ट में तनाव है। खाड़ी के कई देशों में हालात तनावपूर्ण हैं। बातचीत होनी चाहिए और तनाव कम होना चाहिए। हम भारतीयों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्द हैं। सभी विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। गल्फ में आम जीवन और व्यापार प्रभावित हुआ है। मारे गए लोगों के लिए संवेदनाएं हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकाजुर्न खड़गे ने कहा कि पश्चिम एशिया में तेजी से बदल रही जियो पॉलिटिकल हालात का असर भारत पर भी पड़ रहा है। भारत 55% एनर्जी को पश्चिम एशिया से पूरा करता है। अस्थिरता से भारत पर इसका असर पड़ता है। एक करोड़ भारतीय वहां पर काम करते हैं। हाल के हालात में कई भारतीय मारे गए और कई लापता हैं। सदन में विपक्ष का हंगामा शुरू हो गया।