एजेंसी, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में एक बार फिर सर्दियों ने अपनी सख्त मौजूदगी दर्ज करा दी है। मंगलवार रात से छाए घने कोहरे ने बुधवार सुबह आते-आते हालात और खराब कर दिए। कई इलाकों में विजिबिलिटी शून्य तक पहुंच गई, जिसका सीधा असर हवाई, रेल और सड़क यातायात पर देखने को मिला। सबसे ज्यादा परेशानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर देखने को मिली, जहां उड़ानों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

घने कोहरे और कम विजिबिलिटी के कारण बुधवार को दिल्ली एयरपोर्ट से कुल 148 फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं। इनमें 78 आने वाली उड़ाने थी, जबकि 70 उड़ानें यहीं से थी। इसके अलावा 220 से ज्यादा उड़ानों में देरी हुई, जिससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। हालात इतने खराब रहे कि दो उड़ानों को डायवर्ट भी करना पड़ा। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड द्वारा संचालित कॠक एयरपोर्ट रोजाना करीब 1300 फ्लाइट मूवमेंट्स संभालता है, ऐसे में मौसम की यह मार बड़े स्तर पर असर डालती है।
सुबह के समय ऊकअछ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी दी कि एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी धीरे-धीरे बेहतर हो रही है, लेकिन कुछ उड़ानों पर अभी भी असर पड़ सकता है। ऊकअछ ने यह भी कहा कि ग्राउंड स्टाफ सभी एयरलाइंस और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर यात्रियों की मदद कर रहा है और टर्मिनल्स पर जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
वहीं नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भी स्थिति को लेकर बयान जारी किया। मंत्रालय ने कहा कि उत्तर भारत के कई हिस्सों में जारी घना कोहरा चुनिंदा एयरपोर्ट्स पर उड़ान संचालन को प्रभावित कर सकता है। एयरलाइंस को यात्रियों के लिए तय नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें समय पर जानकारी देना, देरी के दौरान सहायता, रीबुकिंग या रिफंड और बैगेज से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं।


