- राष्ट्रीय बजरंग दल के सदस्यों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए पीएम को भेजा ज्ञापन।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग को लेकर बुधवार को अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के दर्जनों सदस्य कलक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय पर सौंपते हुए कहा कि यदि जनसंख्या नियंत्रण के लिए सख्ती नहीं की गई,तो हिंदू खतरे में पड़ सकता है।
ज्ञापन में कहा कि आज भारत के किसी भी प्रदेश में हिंदू समाज सुरक्षित नहीं है। हिन्दुओं के सभी त्यौहारी पर देश के किसी न किसी हिस्से में, या देश के किसी न किसी शहर मैं इससे होते हैं, जबकि, शोभायात्राओं पर हमले होते हैं। उन्होंने कहा कि, पिछले दिनों बंगाल के मुर्शिदाबाद में हिंदुओं को मारा गया। पहलगाम में मुसल्मानों ने सुनियोजित तरीके से आतंकी घटना को अंजाम दिया।
बांगलादेश में हिन्दुओं के विरुद्ध हुआ नरसंहार भी जनसंख्या में असंतुलन का ही परिणाम था। देश में बढ़ती हुई जनसंख्या का एक बड़ा कारण बांग्लादेशी एवं रोहिंग्या मुसलमानों की घुसपैठ भी एक बड़ा कारण है। इस घुसपैठ को रोकना और घुसपैठियों की बाहर निकालना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि, छांगुर जैसे विदेशी धन पर धर्मांतरण करने वाले सक्रिय गिरोह भी हिन्दुओं की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। छांगुर जैसे लोगों के विरुद्ध आॅपरेशन की आवश्यकता है। इन घटनाओं को देखते हुए बर्तमान समय में बहुसंख्यक हिंदू समाज अपने धार्मिक पर्ती, सांस्कृतिक मूल्यों एवं अस्तित्व पर लगातार हो रहे अत्याचार के कारण गंभीर संकट की स्थिति में है।
अल्पसंख्यक कहराने वाला मुस्लिम समाज भी अभी तेजी से बढ़कर 15 प्रतिशत होने पर ही हिंदुओं पर हमला करता है। मुस्लिम समुदाय की बदती संख्या हिंदुओं के लिए बहुत बड़ा खतरा बन गई है।
इसलिए देश में बढ़ती हुई आबादी एवं जनसंख्या के कारण आने वाले गंभीर खतरों को देखते हुए भारत सरकार को जनसंख्या नियंत्रण नियंत्रण करने के लिए कठोर कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि, अगर कोई व्यक्ति एक या एक से अधिक पत्नियों से दो से ज्यादा बच्चे पैदा करता है, तो उस पति पत्नी को आजीवन कारावास जैसे कठोर दंड का प्रावधान किया जाए। साथ ही उसके परिवार को मिलने वाली सभी शासकीय सुविधाओं को प्रतिबंधित करते हुए मताधिकार भी समाप्त किया जाए। ऐसे कठोर दंड के डर से देश में बढ़ती हुई आबादी पर रोक लगाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि, अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद की यह मांग भारत में केवल हिन्दुओं की सुख्क्षा के लिए ही नहीं, अपितु भारत के विकास और समृद्धि के लिए भी आवश्यक है। इसलिए ऐसा कठोरतम कानून बनने से भारत के विकसित राष्ट्र बनने का सपना शीघ्र पूरा होगा।


