शारदा रिपोर्टर मेरठ। सोमवार को डीएन कॉलेज के शंकर आॅडिटोरियम में जल बचाओ को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान आयोजनकतार्ओं ने पुस्तक का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम में आयोजनकर्ताओं ने बताया कि, जल संरक्षण बहुत जरूरी है, क्योंकि पानी पृथ्वी पर जीवन का आधार है। इसके कुछ मुख्य कारण हैं। जीवन के लिए जल इसलिए भी बेहद जरूरी है क्योंकि, सभी जीवित प्राणी—मनुष्य, पशु और पौधे—जीने के लिए पानी पर निर्भर हैं। पृथ्वी पर कुल पानी का बहुत छोटा हिस्सा ही पीने योग्य (मीठा पानी) है, इसलिए इसे बचाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि, अगर हम आज पानी बर्बाद करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है। खेती के लिए बहुत पानी की जरूरत होती है। पानी बचाने से कृषि सुरक्षित रहती है। जल संरक्षण से नदियां, झीलें और भूजल सुरक्षित रहते हैं, जिससे पर्यावरण संतुलित रहता है। जल संरक्षण इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे जीवन, पर्यावरण और भविष्य सुरक्षित रहता है।
उन्होंने कहा कि, जल हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है। पृथ्वी पर सभी जीव-जंतुओं, पौधों और मनुष्यों के जीवन के लिए पानी आवश्यक है। पानी के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इसलिए जल का संरक्षण करना बहुत जरूरी है।
आज के समय में पानी की कमी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। जनसंख्या बढ़ने, पानी के अत्यधिक उपयोग और पानी की बबार्दी के कारण कई जगहों पर पानी की कमी हो रही है। नदियां, तालाब और झीलें धीरे-धीरे सूख रहे हैं और भूजल का स्तर भी कम होता जा रहा है। यदि हम अभी से पानी बचाने पर ध्यान नहीं देंगे तो भविष्य में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
जल संरक्षण के लिए हमें कई छोटे-छोटे कदम उठाने चाहिए। जैसे नल को खुला न छोड़ना, वर्षा जल संचयन करना, पानी का उपयोग सोच-समझकर करना और पेड़-पौधे लगाना। इन उपायों से हम पानी की बचत कर सकते हैं।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि जल संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। यदि हर व्यक्ति पानी बचाने का प्रयास करेगा, तो हम भविष्य में जल संकट से बच सकते हैं। इसलिए हमें हमेशा याद रखना चाहिए कि जल है तो कल है।

