– यूपी में दस और बिहार में पांच सीटें खाली होंगी।
नई दिल्ली। 2026 में राज्यसभा की करीब 73 सीटें खाली होंगी। नए साल में राज्यसभा के इन सभी सीटों पर नए सांसद चुनकर आएंगे। सवाल ये कि क्या नए साल में राज्यसभा का समीकरण बदलेगा? ऊपरी सदन में एनडीए और बीजेपी की संख्या बढ़ेगी या घटेगी या फिर विपक्ष कमजोर होगा या मजबूत?

वर्ष 2026 के आखिर तक राज्यसभा की 73 सीटें खाली होंगी, जिन पर चुनाव कराए जाएंगे। राज्यसभा की ये सीटें अप्रैल, जून और नवंबर 2026 में खाली होंगी। इस क्रम में बिहार से राज्यसभा की 5 सीटें तो उत्तर प्रदेश से 10 सीटें खाली होने जा रही हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र की 7 सीटें, गुजरात से 4 सीटें, राजस्थान से 3 सीटें, झारखंड की 2 सीटें, आंध्र प्रदेश की 4 सीटें, तेलंगाना की 2 सीटें, पश्चिम बंगाल की 5 सीटें, तमिलनाडु की 6 सीटें, हरियाणा से 2 सीटें, छत्तीसगढ़ से 2 सीटें, ओडिशा की 4 सीटें, असम की 3 और तीन पूर्वोत्तर राज्यों से भी 4 सीटें खाली होंगी। इस वजह से कई बड़े नेताओं का कार्यकाल भी खत्म होगा।
अब महत्वपूर्ण राज्यों की बात करें तो सबसे पहले नवंबर 2026 में उत्तर प्रदेश की 10 सीटें खाली होंगी। विधानसभा में संख्या बल के आधार पर बीजेपी को 7 सीटें मिलने की संभावना है। समाजवादी पार्टी को 2 सीटें मिल सकती हैं। जबकि 1 सीट पर कड़ा मुकाबला हो सकता है। फिलहाल बीजेपी के पास 8 सीटें हैं, 1 सपा और 1 बसपा के पास हैं।
बिहार की बात करें तो अप्रैल 2026 में बिहार की 5 राज्यसभा सीट खाली होगी। इनमें से 2 आरजेडी के 2 सांसद प्रेमचंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह रिटायर्ड होंगे। जेडीयू के 2 सांसद सांसद हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर का कार्यकाल खत्म होगा, साथ ही आरएलएम सांसद उपेन्द्र
कुशवाहा का भी कार्यकाल खत्म होगा। अब विधानसभा में बदले समीकरण के बाद इस बार बिहार के 4 सीटें एनडीए को मिलेंगी। जबकि 5 वें सीट पर एनडीए की दावेदारी मजबूत रहेगी।



मुलताई में कुछ बैंक, कुछ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बिना पार्किंग के संचालित हो रहे हैं, तथा कुछ लोगों ने पार्किंग के लिए जगह बहुत कम दी है। जो वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे ग्राहको को वाहन खड़े करने में बहुत परेशानी होती है। आखिर बिना पार्किंग के बैंक कैसे संचालित हो रहे हैं। ये तो नियमों का उल्लघंन हो रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़े करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार दुर्घटना तक हो जाती है। सरकारी जमीन पर वाहन खड़े हो रहे हैं । जबकि जिस भवन मे बैंक संचालित होती है उसकी स्वयं की पार्किंग होना जरूरी है। मुलताई में संचालित सभी बैंकों की पार्किंग व्यवस्था की जांच होना चाहिए।
कुछ बेसमेंट बिना अनुमति के बने हैं। कुछ व्यावसायिक भवनों के नक्शे बिना पार्किंग दिए पास हुए हैं। कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर पक्का अतिक्रमण कर लिया है। जांच होना चाहिए।
नाम – रवि खवसे
शहर – मुलताई
जिला – बैतूल
राज्य – मध्यप्रदेश