शारदा रिपोर्टर मेरठ। विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने नोएडा स्थित टेंटेक कंपनी से जुड़े जीएसटी चोरी मामले में चीनी नागरिक एलिस ली की जमानत याचिका खारिज कर दी। एलईडी पैनल बनाने वाली इस कंपनी पर करीब 10 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का आरोप है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, एलिस ली ने कंपनी के एमडी विनय और चीन में मौजूद दो अन्य पार्टनरों के साथ मिलकर सरकारी खजाने को ठगी के जरिए चूना लगाया। इसके लिए कंपनी ने फर्जी दस्तावेज और इनवॉइस का इस्तेमाल किया।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यह एक गंभीर आर्थिक अपराध है, जो न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाता है बल्कि समाज में आर्थिक अव्यवस्था भी पैदा करता है। सुप्रीम कोर्ट और
हाईकोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
कंपनी के एमडी विनय भी मेरठ जिला जेल में बंद हैं। उनकी जमानत याचिका अभी लोअर कोर्ट में विचाराधीन है। एलिस ली पहली बार जमानत के लिए आवेदन कर रही थीं। जमानत खारिज होने के बाद उन्हें मेरठ जिला जेल में ही रहना होगा। राजस्व विभाग और जांच एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं। आगे की कानूनी प्रक्रिया में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।