मेरठ। छत्रपति शाहूजी महाराज (26 जून 1874 – 6 मई 1922) कोल्हापुर रियासत के एक महान, दूरदर्शी और प्रजा-हितैषी राजा थे। उन्हें भारत में आरक्षण का जनक और ‘लोक राजा’ (जनता के राजा) के रूप में जाना जाता है। उन्होंने अपना पूरा जीवन सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा के विस्तार के लिए समर्पित कर दिया। यह जानकारी शुक्रवार को जिलाध्यक्ष करमवीर सिंह गुम्मी ने सपा कार्यालय में छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती के मौके पर दी।
शुक्रवार को जेल चुंगी स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती मनाई गई। जेल चुंगी स्थित जिला कार्यालय पर सपा कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा जिलाध्यक्ष करमवीर सिंह गुम्मी ने की। सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने शाहूजी महाराज के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। जिलाध्यक्ष गुम्मी ने कहा कि शाहूजी महाराज सामाजिक न्याय के बड़े योद्धा थे।उन्होंने कोल्हापुर रियासत में पिछड़ों और दलितों के लिए शिक्षा के द्वार खोले। शाहूजी महाराज ने 1902 में सरकारी नौकरियों में 50% आरक्षण लागू किया था। गुम्मी ने कहा कि सपा उन्हीं के पदचिह्नों पर चलकर सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ रही है। वक्ताओं ने उनके द्वारा चलाए गए सत्य शोधक आंदोलन को भी याद किया। बताया कि शाहूजी महाराज ने छुआछूत और जातिवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाए। उन्होंने विधवा विवाह, अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देकर समाज सुधार किया।कार्यक्रम में महिला सभा, युवजन सभा और छात्र सभा के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सपा नेताओं ने कहा कि आज देश को शाहूजी महाराज की विचारधारा की जरूरत है। इस मौके पर ‘सामाजिक न्याय के प्रणेता अमर रहें’ के नारे भी लगाए गए। जिलाध्यक्ष ने युवाओं से शाहूजी महाराज के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। श्रद्धांजलि सभा में महानगर अध्यक्ष, जिला महासचिव सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल हुए। सपा कार्यालय को कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से सजाया गया था।।दो मिनट का मौन रखकर शाहूजी महाराज को श्रद्धांजलि दी गई।कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और प्रसाद वितरण के साथ समापन किया गया।


