– मूलभूत सुविधाओं से वंचित क्षेत्रवासियों ने किया प्रदर्शन, चुनाव में बहिष्कार की धमकी।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। परतापुर क्षेत्र के काशी-अछरौंडा मार्ग की जर्जर हालत को लेकर सैकड़ों ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर हैं। ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए और आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के बहिष्कार की चेतावनी दे डाली। विरोध जताने के लिए जनप्रतिनिधियों के पोस्टरों पर आक्रोश प्रकट किया। वहीं, अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी ने पहुंचकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। लेकिन ग्रामीण नहीं माने। कहा जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।

ग्रामीणों ने बताया कि करीब 15 दिन पूर्व वे कीचड़ भरे मार्ग पर मेयर हरिकांत अहलूवालिया को पैदल ले गए थे और मार्ग की बदहाली से अवगत कराया था। तब मेयर ने दो दिन में सफाई और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था। पंद्रह दिन बीतने के बाद भी न तो सफाई व्यवस्था सुधरी और न ही सड़क की हालत में सुधार हुआ। जिससे गुस्साए आक्रोशित ग्रामीण वीआईपी गगोल रोड पर रविवार को धरने पर बैठ गए।

सोमवार को भी क्षेत्रवासियों का धरना जारी रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि, यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे वीआईपी मार्ग पर कचरा डालकर प्रदर्शन करेंगे। पांच दिन बाद इसी मार्ग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गुजरने का प्रस्तावित कार्यक्रम है। इसे देखते हुए प्रशासन में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी और अपर तहसीलदार सुमन पाल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल सफाई कार्य शुरू कराया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से वार्ता कर ज्ञापन लिया और शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया। हालांकि ग्रामीणों ने दो टूक कहा है कि, जब तक मेयर स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति स्पष्ट नहीं करेंगे, तब तक धरना जारी रहेगा।
इस मौके पर नवीन राणा, यश सिरोही, लव सिरोही, अशोक राणा, प्रवीण राणा, कुलभूषण राणा, रोहित राणा, मुकुल शर्मा, कार्तिक शर्मा, मछिंद्र चौधरी, बृजवीर चौधरी, पूर्व पार्षद सुरेंद्र चौधरी, बादल राणा तथा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष विजय चौधरी मौजूद रहे।


