शारदा रिपोर्टर मेरठ। भूमि संरक्षण विभाग मेरठ में किसानों के भूमि सुधार के लिए आए लगभग 1 करोड़ रुपए के लूट की जांच की मांग को लेकर मेरठ में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के दर्जनों सदस्यों ने कमिश्नरी चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया।

इस दौरान उन्होंने बताया कि, वर्ष 2024-25 से वर्तमान तक किसानों की भूमि सुधार के लिए एक करोड़ की धनराशि खर्च की गई, जो फर्जी बिल लगाकर निकाल लिये गए। जिसके विषय में कृषकों द्वारा किसान यूनियन के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों को अक्टूबर में शिकायत पत्र दिया गया। इसके पश्चात यूनियन के नेतृत्व में किसानी द्वारा 18 नवंबर को संयुक्त कृषि निर्देशक कार्यालय पर धरना दिया गया। जिसमे एडीएम द्वारा डीएम सदर और मवाना की जांच के लिए नामित किया गया। लेकिन दो माह बीत जाने के बावजूद भी कोई जांच नहीं हो रही है। जबकि, इस मामले में सिर्फ लीपापोती करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि, इस प्रकरण में कृषकों द्वारा एक कृषक अक्षय पुत्र मांगे राम ग्राम पसवाड़ा के द्वारा आरटीआई भी डाली गई। उसका भी कोई जवाब आज तक नहीं आया। उन्होंने कहा कि, उपरोक्त के संबंध में निम्नलिखित मांगों पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। जिनमें वर्ष 2024-25 में परियोजना आहे व जसौरा विधानसभा खरखोदा, परियोजना- मुजफ्फरनगर सैनी, रजपुरा, परियोजना- किरतपुर, खूंटी किला परीक्षितगढ़, परियोजना पसवाड़ा माछरा, परियोजना हस्तिनापुर आदि है।
उन्होंने कहा कि, उपरोक्त परियोजनाओं की जांच के लिए टेक्निकल टीम गठित की जाए। साथ ही जिन कृषकों के यहां कार्य होने दर्शाये गए हैं, उनको जांच में शामिल कर उनके बयान दर्ज किए जाएं। इसके अलावा जांच में कच्चे में पक्के समस्त कार्यों को शामिल किया जाये। जिसकी जियोटैगिंग व वीडियोग्राफी कराई जाए। तथा जो कार्य के समय केपी व पोस्ट के फोटोग्राफ है, उनकी स्थल पर प्रमाणिकता की जांच की जाए। जांच के समय किसी कृषक प्रतिनिधि को भी जांच में जांच के समय बुलाया जाए। वर्ष 2024-25 में गत वर्ष के कार्यों का जो फसलोत्पादन अनुदान दिया गया उसको भी जांच में शामिल किया जाए।


