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Saturday, January 10, 2026
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फर्जी तरीके से मजिस्ट्रेट बन जारी कर दिया वारंट

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शामली। ऊन पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा सहित पांच पुलिसकर्मियों ने बड़ा खेल कर दिया। पिंंडोरा जहागीरपुर गांव के रहने वाले युवक सोनू के नाम का एसडीएम न्यायालय से फर्जी जमानतीय वारंट जारी कर दिया और उसे पुलिस चौकी पर लाकर यातनाएं दी गई। बाद में उसका शांति भंग में चालान कर दिया। शिकायत के बाद एसडीएम और एएसपी की जांच में पुलिसकर्मियों का खेल उजागर हुआ है। इस मामले में ऊन पुलिस चौकी पर तैनात पांचों पुलिसकर्मियों पर गाज गिरना तय है।
पिंडौरा जहागीरपुर निवासी सोनू पुत्र जगरोशन ने एसपी अभिषेक से शिकायत करते हुए बताया था कि 28 अक्तूबर को उसे ऊन पुलिस चौकी पर तैनात पांच पुलिसकर्मी जमानतीय वारंट के आधार पर जबरन बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गए और पूरी रात उसे पुलिस चौकी पर बैठाए रखा। वहां उसके साथ मारपीट करते हुए यातना दी गई। अगले दिन 29 अक्तूबर को 151 में उसका चालान कर दिया। सोनू का आरोप था कि कोर्ट से उसका कोई भी जमानतीय वारंट जारी नहीं किया गया था, खुद ही पुलिसकर्मियों ने फर्जी वारंट जारी कर उसका चालान किया। इस मामले में चौकी पर तैनात दरोगा सहित पांचों पुलिसकर्मियों की जांच की मांग सोनू ने की।

इस मामले की जांच एएसपी को सौंपी गई। एएसपी ने एसडीएम उन को इस संबंध में पत्र लिखा और वारंट जारी होने या फिर नहीं होने के बारे में पूरी रिपोर्ट मांगी। एसडीएम ऊन ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि प्रभारी निरीक्षक थाना झिंझाना की चालानी रिपोर्ट 23 मई 2023 को प्राप्त हुई थी। प्रथम पक्ष जगरोशन, संजीव कुमार, सुमित कुमार, सोनू कुमार और द्वितीय पक्ष रतन सिंह आदि के बीच मकान पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा है। थाना प्रभारी की रिपोर्ट के आधार पर इनके विरुद्ध धारा 107, 111 का नोटिस 17 जून 2023 को जारी किया गया। उक्त नोटिस के अनुपालन में विपक्षी सोनू, सुमित और जगरोशन द्वारा 1 अगस्त, ,2023 को न्यायालय में पहुंचकर जमानत करा ली थी। विपक्षी संजीव पुत्र जगरोशन द्वारा भी 12 दिसंबर को जमानत करा ली थी।

एसडीएम की जांच में सामने आया है कि 28 अक्तूबर को न्यायालय से कोई भी जमानतीय या फिर गैर जमानतीय वारंट प्रभावी नहीं था। यही नहीं पुलिस चौकी की चालानी रिपोर्ट 29 अक्तूबर में सोनू को धारा 151 में निरुद्ध किए जाने का कारण आने जाने वाले व्यक्तियों के साथ झगड़ा करना दशार्या है।

लगातार की जा रही थी पांच हजार की मांग

सोनू का आरोप है कि उनका गांव में ही पड़ोसी के साथ मकान को लेकर विवाद चल रहा था। इसमें उसे फंसाने की तैयारी की जा रही थी। जिसके लिए पुलिसकर्मियों ने पांच हजार की मांग भी की थी। मगर उसने देने से मना कर दिया था। इसके बाद ही उसका फर्जी तरीके से वारंट जारी कर रातभर चौकी पर रखा और मारपीट की।

जल्द इंसाफ नहीं मिला तो सीएम से करुंगा शिकायत

सोनू का कहना है कि मामले की शिकायत वह कई बार अधिकारियों से कर चुका है, मगर अभी तक इंसाफ नहीं मिला है। कहा कि यदि जल्द ही इंसाफ नहीं मिला तो प्रदेश के मुख्यमंत्री से शिकायत करुंगा। दोषी पुलिसकर्मियों को सजा दिलाकर रहूंगा।

युवक के चालान में फर्जी वारंट जारी करने की बात जांच में सामने आई है। मामले की जांच एसपी को भेज दी है। एक जांच सीओ शामली से कराई जा रही है। जल्द ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बयान – संतोष कुमार सिंह, एएसपी, शामली

बीते 27 सितंबर को एसडीएम न्यायालय से ऊन क्षेत्र के सोनू का वारंट जारी करने का मामला सामने आया था। न्यायालय से कोई वारंट जारी नहीं करने की बात एसडीएम की जांच में सामने आई है। रिपोर्ट पुलिस अधिकारियों को भेज दी गई है।
बयान -रविंद्र सिंह, डीएम, शामली

जांच में जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
बयान -अभिषेक, एसपी, शामली

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