spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Wednesday, February 18, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Homeउत्तर प्रदेशMeerutकला की कोई उम्र नहीं

कला की कोई उम्र नहीं

-


शारदा रिपोर्टर मेरठ। मेरठ पब्लिक स्कूल की संस्थापक निदेशक कुसुम शास्त्री ने साबित कर दिया कि प्रतिभा कभी उम्र की मोहताज नहीं होती। उम्र के आठवें दशक यानि 47 साल बाद रंगों से फिर मोहब्बत की और साबित कर दिया कि रंग जिंदगी में कितना असर डालते है।

 

एमएससी और बीएड करने वाली कुसुम शास्त्री वैसे तो आगरा की रहने वाली है लेकिन मेरठ में शिक्षा जगत में क्रांति लाने वाले तारा चंद शास्त्री से विवाह करने के बाद कुसुम शास्त्री ने जहां स्कूलों के प्रबंधन और संचालन में अपनी अमिट छाप छोड़ी उसके पीछे भले ही उनकी अपार मेहनत और मजबूत इच्छा शक्ति रही हो लेकिन एक वजह उनका अपने युवा जीवन में कला से अथाह प्रेम भी था।

 

art has no age

 

छात्र जीवन में कैनवास पर रंगों से खेलने वाली कुसुम शास्त्री जब पारिवारिक दायित्वों से मुक्त हुई तो अचानक उनके कला खासकर ड्राइंग और पेंटिंग को लेकर वो कशिश फिर उभर आई। 47 साल पहले व्यस्तता और पारिवारिक जिम्मेदारियों में व्यस्त रहने के कारण कैनवास से दूर रहने वाली कुसुम शास्त्री ने फिर से अचानक अपने हुनर को हवा दी और कैनवास को और खुद को मोड़ लिया।

धार्मिक गतिविधियों में खुद को अतिव्यस्त रखने के बावजूद कुसुम शास्त्री ने आज फिर से अपनी सोई हुई प्रतिभा को फिर से जाग्रत किया और एक खूबसूरत पेंटिंग को जन्म दे दिया। ग्रामीण परिवेश को दर्शाती इस पेंटिंग में नीले रंग का जिस तरह से प्रयोग किया गया वो साबित करता है कि मन में कला को लेकर कितनी गहरी सोच को दर्शाता है।

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

4,000,000FansLike
100,000SubscribersSubscribe

Latest posts