– जिला बार पर लगाया आरोप।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। राज्य सरकार की सम्पत्ति पर जिला बार एसोसिएशन द्वारा विधि विरूद्ध चैम्बर निर्माण कर अनुचित आवंटन किये जाने और स्थानीय प्रशासन द्वारा शिकायत उपलब्ध होने के बाद भी कार्यवाही न किये जाने के विरोध में सोमवार को अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम कार्यालय पहुंचा।

जनपद मेरठ में डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, मेरठ नाम से एक संस्था सोसायटी रजिस्ट्रार के यहां पंजीकृत है, जिसकी पत्रावली संख्या- 5054एम है, जो बार काउसिंल आॅफ उत्तर प्रदेश इलाहाबाद से सूचीकृत संस्था है, परन्तु उक्त संस्था के कारिंदों द्वारा कभी भी उपरोक्त संस्था का विधि अनुसार निर्वाचन नही कराया है। अपितु इस संस्था की आड़ में जिला बार एसोसिएशन, मेरठ के नाम से सम्पूर्ण कार्यवाही की जाती रही हैं और जो भी पत्राचार शासन, प्रशासन और यहां तक कि बार काउसिंल आॅफ उ०प्र० इलाहाबाद से भी पत्राचार जिला बार एसोसिएशन, मेरठ के नाम से किया गया है।
पंजीकृत शीर्षक को परिवर्तित कर कार्यवाही करने का किसी को भी वैधानिक अधिकार नही है। परन्तु खेद है कि, किसी भी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा इस संदर्भ में कोई उचित कार्यवाही नही की गयी है। जिस कारण क्षुब्ध होकर एक अधिवक्ता संजय गुर्जर द्वारा एक सिविल वाद संख्या-181/2026 संजय गुर्जर बनाम डिप्टी रजिस्ट्रार, सोसायटी और दो अन्य के विरुद्ध सिविल जज (जू०डि०) मेरठ के यहां संस्था को अवैध व शून्य घोषित कराने हेतु योजित किया है, जो विचाराधीन है।
बताया कि जिला बार एसोसएिशन, मेरठ द्वारा वर्ष 2023-24 में राज्य सरकार की जिस पर सरकार द्वारा पूर्व में अधिवक्ताओं को बैठने हेतु चैम्बर निर्मित कराये थे, उसमें कलक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी लॉ चैम्बर की तीसरी मंजिल पर फाईबर गीट द्वारा 21 चैम्बर निर्मित किये गये है। एमडीए, अग्नि सुरक्षा विभाग व शासन द्वारा कोई अनुमति नहीं ली गयीं है। इसी प्रकार धर्मशाला लॉ बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर 18 चैम्बर्स का निर्माण भी अवैधानिक रूप से किया गया है।
इस संबंध में राज्य सरकार की अनुमति तथा अन्य विभागों की अनुमति के संबध में जिलाधिकारी कार्यालय से सूचना का अधिकार में सूचना मांगी गई। जिसके अनुसार जिला बार एसोसिएशन मेरठ द्वारा किसी भी विभाग से कोई अनुमति प्राप्त नहीं है। अधिवक्ताओं द्वारा समय-समय पर डीएम और आयुक्त मेरठ मण्डल, प्रभारी अधिकारी नजारत, अपर जिलाधिकारी नगर, मेरठ तथा उ०प्र० सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस संबंध में शिकायती प्रार्थना पत्र देकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया जा चुका है।
सारी जानकारी होने उपरान्त भी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मात्र औपचारिकता पूर्ण कार्यवाही करते हुए अवैध निर्माण को सील किया गया। जिला बार एसोसिएशन, मेरठ द्वारा कानून को अपने हाथ में लेकर सील को तोड़कर जिन अधिवक्ताओं द्वारा मोटी धनराशि प्राप्त की गयी थी, को अवैध रूप से चैम्बर में कब्जा करा दिया। जिला प्रशासन द्वारा कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी गयी है और न ही इस विषय में राज्य सरकार को अवगत कराया गया है। जिसके चलते अधिवक्ताओं में रोष है।


