– यूजीसी से शैक्षणिक व्यवस्था में होगा गंभीर असंतुलन।
– अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ने यूजीसी के विरोध में कलक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी के हालिया निर्णय के विरोध में न्याय, योग्यता एवं शैक्षणिक संतुलन बनाए रखने के हस्तक्षेप को लेकर शनिवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के दर्जनों सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय पर सौंपते हुए बताया कि, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी द्वारा हाल ही में लिया गया निर्णय देश की शैक्षणिक व्यवस्था में गंभीर असंतुलन उत्पन्न करने वाला प्रतीत हो रहा है।

उन्होंने कहा कि, यह निर्णय योग्यता, परिश्रम तथा समान अवसर की संवैधानिक भावना के प्रतिकूल है, जिसके कारण शिक्षाविदों, छात्रों एवं अभिभावकों में व्यापक असंतोष व्याप्त है। यह विषय राष्ट्रीय मीडिया, सामाजिक मंचों तथा जन चर्चा में प्रमुखता से उभरकर सामने आया है। देशभर में विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षणिक संगठनों द्वारा इस निर्णय का विरोध दर्ज कराया जा रहा है, जो यह दशार्ता है कि, उक्त निर्णय पर पुनर्विचार अत्यंत आवश्यक है।
इसलिए हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि, हमारा विरोध किसी भी वर्ग के अधिकारों के विरुद्ध नहीं है, बल्कि न्यायपूर्ण, संतुलित एवं योग्यता-आधारित शिक्षा व्यवस्था के संरक्षण के लिए है। शिक्षा नीति में किसी भी प्रकार का असंतुलन समाज में असहमति एवं वैमनस्य को जन्म दे सकता है, जो राष्ट्रहित में नहीं है।
जिसके चलते अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा यह आग्रह है कि, यूजीसी के इस विवादित निर्णय को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए। सभी सम्बन्धित पक्षों एवं शिक्षाविदों से संवाद स्थापित कर इस पर पुनर्विचार किया जायें। शिक्षा व्यवस्था में योग्यता एवं समान अवसर की संवैधानिक भावनों को पूर्णत: सुरक्षित रखा जायें।


