शारदा रिपोर्टर मेरठ। शहर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को ट्रेफिक पुलिस और आरटीओ विभाग ने चैंकिंग अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने बिना हेलमेट लगाए और सीट बेल्ट नहीं पहनने वालों को कड़ी फटकार लगाई। जबकि, लापरवाही और शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले वाहनों को सीज कर दिया। जबकि, कुछ वाहनों के चालान भी काटे गए हैं।
प्राइवेट स्कूलों की लापरवाही के खिलाफ एसपी ट्रैफिक राघवेन्द्र मिश्रा और सीनियर एआरटीओ प्रशासन राजेश कदर्म ने खुद शहर की सड़कों पर उतर आए और चैंकिंग अभियान चलाया। इस दौरान जिन 26 वाहनों पर एक्शन लिया गया है उनमें कई स्कूल बस और वैन शामिल हैं।
प्राइवेट स्कूलों की लापरवाही का आलम देखिए कि कई वाहन बिना फिटनेस के ही बच्चों की जिंदगी खतरे में डालकर सड़कों पर दौड़ रहे थे। जबकि, कई वाहनों के पास तो परमिट और बीमा ही नहीं था। यानि सब कुछ रामभरोसे चल रहा था।
आरटीओ और पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले में लापरवाह प्राइवेट स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, ब्रेथ एनेलाइजर लगाकर स्कूली बस और स्कूली वैन चालकों की जांच भी की गई। देखा गया कि कहीं शराब पीकर चालक वाहन तो नहीं चला रहे थे। ट्रेफिक पुलिस और आरटीओ विभाग के अधिकारियों ने दिल्ली रोड, वेस्टर्न रोड, खरखौदा, मोदीपुरम, लालकुर्ती सहित कई इलाकों में निजी स्कूलों के वाहनों की जांच की गई।
इस दौरान उन्होंने लापरवाही से वाहन दौड़ा रहे चालकों को कड़ी फटकार लगाई। बता दें कि, कंकरखेड़ा में स्कूली वैन हादसे में 10 साल की बच्ची की मौत, बेगमपुल पर बस से कुचलकर आरजी डिग्री कॉलेज की छात्रा की मौत और अभी दो दिन पहले चिराग चौराहे के पास स्कूली वैन और बलेनों की टक्कर में पांच स्कूली छात्राओं के घायल होने का मामला छाया हुआ है, क्योंकि स्कूली वैन के चालक ने शराब पीकर स्कूली वैन चलाई थी और इसी वजह से बच्चों की जान आफत में आई थी।
इसके बाद ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ ने ये कड़ा एक्शन लिया है। बता दें कि, एसपी ट्रैफिक राघवेन्द्र मिश्रा का कहना है कि, लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। प्राइवेट स्कूलों की लापरवाही के खिलाफ सुबह से शुरू हुआ अभियान दोपहर में भी जारी रहा।
स्कूलों की छुट्टी के बाद ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ विभाग ने फिर चैकिंग अभियान चलाया। इस दौरान भी कई स्कूली वाहनों को सीज किया गया और कई के खिलाफ चालान की कार्रवाई भी की गई। ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ विभाग की तमाम चेतावनियों के बाद भी कई निजी स्कूल ऐसे हैं कि, जो सुधरने को तैयार नहीं हैं। जिनके ऊपर अब ट्रेफिक पुलिस और आरटीओ विभाग सख्त नजर आ रहा है।


