पैतृक गांव आए थे, बेटे को सदमे में आया हार्ट अटैक
फतेहपुर। सोमवार शाम रेलवे ट्रैक पर बुजुर्ग दंपती के शव मिला। पुलिस दोनों की मौत मालगाड़ी के सामने कूदकर जान देने की आशंका जता रही है। शव गंगचौली गांव के पास अप लाइन पर के बीच मिले।
मालगाड़ी के गार्ड ने घटना की सूचना दी थी। सूचना पर थाना प्रभारी दिनेश कुमार शुक्ला पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। दोनों मथुरा जाने की बात कह कर घर से निकले थे।
22 अक्टूबर को बड़ा बेटा गांव छोड़कर कानपुर वापस चला गया था। इसके बाद भाई के घर पर रह रहे थे। घटना जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर औंग थाना क्षेत्र के गंगचौली गांव के पास की है।
पुलिस ने मृतक की पहचान रमेश चंद्र मिश्र (70) और उनकी पत्नी सरोजनी देवी ( 65) के रूप में की। दोनों मूल रूप से औंग थाना क्षेत्र के आशापुर गांव के रहने वाले थे। जिसकी गांव में 7 बीघा खेती की जमीन है। वे कानपुर के यशोदा नगर थाना क्षेत्र में सतवरी रोड पानी की टंकी के पास बड़े बेटे सतीश के साथ रहते थे।
22 अक्टूबर 2026 को बड़ा बेटा सतीश उन्हें कानपुर से गांव छोड़कर वापस चला गया था। इसके बाद दंपती रमेश चंद्र के भाई दिनेश मिश्रा के घर पर रह रहे थे। रमेश चंद्र के पास गांव में सात बीघा कृषि जमीन थी, जिसे उन्होंने बटाई पर दे रखा था।
दिनेश मिश्रा ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 11 बजे दंपती ने बड़े बेटे सतीश को फोन कर मथुरा जाने की बात कही थी। इसके बाद वे घर से निकल गए। गांव से रेलवे स्टेशन की दूरी करीब चार किलोमीटर है।
दोनों बेटों के नाम है खेत
रमेश चंद्र के चार बच्चे हैं। जिनकी कृषि जमीन दोनों बेटे सतीश (38) और मनीष (35) के नाम है। खेत बटाई पर दिए हैं। दोनों बेटे ट्रक ड्राइवर हैं। कानपुर में अलग-अलग घर हैं। उनकी दोनों बेटियां पूनम और नीलम शादीशुदा हैं।
बेटे को सदमा, हार्ट अटैक के बाद अस्पताल में भर्ती
घटना की सूचना मिलते ही बड़े बेटे सतीश को गहरा सदमा लगा। बताया जाता है कि उसे हार्ट अटैक आया, जिसके बाद कानपुर के कार्डियोलॉजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। छोटा बेटा मनीष फिलहाल मुंबई में है।