जज ने पूछा था सजा पर क्या कहोगी, प्रेमी ने कहा मेरे मां-बाप बूढ़े हैं दया की जाए
शारदा रिपोर्टर मेरठ। 18 महीने पहले पति की हत्या कर सांप से डसवाने वाली रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को थोड़ी देर में सजा सुनाई जाएगी। आखिरी दलीलें शुरू होने से पहले शुक्रवार सुबह जज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रविता और अमरदीप का पक्ष सुना।
रविता से पूछा कि तुम अमित की हत्या में दोषी हो, क्या सजा चाहती हो। रविता ने जवाब दिया- मेरे छोटे-छोटे तीन बच्चे हैं। उनका ख्याल रखा जाए। फिर वह चुप हो गई। इसके बाद अमरदीप से पूछा तो उसने कहा कि मेरे बूढ़े मां-बाप हैं। इनकी सेवा करने वाला कोई नहीं है, बस इसका ख्याल रखा जाए। कोर्ट में दोनों पक्ष के वकीलों ने दलीलें दीं। अब लंच के बाद जज फैसला सुनाएंगे।
17 अप्रैल, 2025 की रात रविता ने प्रेमी के साथ मिलकर पति अमित कश्यप को गला घोटकर मार डाला था। इसके बाद इसे सांप डसने से हुई मौत दिखाने के लिए बिस्तर पर सांप छोड़ दिया था। अमित की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला घोटकर हत्या करने की बात सामने आई थी। सपेरों ने भी बताया कि बिस्तर पर मिला सांप घोड़ा बछाड़ था, जिसके दांत भी नहीं थे। उसके डसने से मौत नहीं हो सकती।
हत्या के 60 दिन बाद कोर्ट में पुलिस ने केस की चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इसके बाद एसीजेएम-12 जयवीर सिंह नागर की कोर्ट में 551 दिन में 87 तारीखें और 12 से ज्यादा गवाहों के बयान हुए। 7 अक्टूबर को कोर्ट ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दिया था।
अमरदीप सफेद शर्ट और रविता ब्राउन रंग के शूट में दिखे
जेल में वीसी से जुड़ने के दौरान अमरदीप सफेद शर्ट और रविता गहरे ब्राउन रंग का शूट पहने हुए थी। जेल के वीसी रूम में अमरदीप रविता ने एक दूसरे को देखा, दोनों की आंखों में हल्की नमी थी।
अमरदीप-रविता के वकील नहीं पहुंचे कोर्ट, जूनियर आया
बहस के दौरान कोर्ट रूम में अमित की मां मुनेश, भाई मोनू, संदीप भी कोर्ट रूम में रहे। अमरदीप-रविता के परिवार से कोई भी आज कोर्ट नहीं आया। बहस में अमरदीप, रविता के वकील ओंकार सिंह भाटी नहीं आए बल्कि उनका एक जूनियर वकील पहुंचा। लगभग 30 मिनट तक अभियोजन ने अपना पक्ष रखा और अमरदीप रविता के लिए अधिकतम सजा मृत्यदंड की मांग की है।
कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए
रविता और अमरदीप को शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी फरजाना मकसूद, रविता-अमरदीप के वकील ओंकार सिंह भाटी और मृतक अमित के वकील ने अपनी दलीलें रखीं। बहस आधे घंटे तक चली।
हमने कोर्ट से दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग की है
एडीजीसी फरजाना मकसूद ने बताया-रविता और अमरदीप को वीसी से जोड़ा गया। रविता के हावभाव से लग रहा है कि उसे कोई पछतावा नहीं है। करीब 30 मिनट तक बहस चली है। हमने कोर्ट से मृत्युदंड की मांग की है।