शोभायात्रा में दिखी नारी शक्ति, महिला नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण पर हुई चर्चा
शारदा रिपोर्टर मेरठ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) मेरठ महानगर की ओर से चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में ‘त्वम् हि दुर्गा’ युवती सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में शहर के विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों से करीब 1500 युवतियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान भी शामिल हुईं। सम्मेलन में नारी शक्ति, शिक्षा, भारतीय संस्कृति, महिला नेतृत्व, सामाजिक सहभागिता, युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम तीन चरणों में आयोजित हुआ। पहला चरण सुबह 10:30 बजे युवती सम्मेलन के साथ शुरू हुआ। इसमें वक्ताओं ने नारी शक्ति की ऐतिहासिक भूमिका और वर्तमान समय में युवतियों की जिम्मेदारियों पर विचार रखे। शिक्षा, प्रशासन, संस्कृति और सामाजिक जीवन में भारतीय महिलाओं के ऐतिहासिक योगदान को सामने रखते हुए आज की युवतियों की भूमिका पर भी चर्चा हुई।
इसके बाद छात्राओं की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से शुरू होकर तेजगढ़ी चौराहे से होते हुए पीवीएस मॉल तक पहुंची। इसमें बड़ी संख्या में युवतियां शामिल हुईं। शोभायात्रा के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। छात्राओं ने नारी शक्ति और भारतीय संस्कृति से जुड़े संदेशों के साथ अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
कार्यक्रम के तीसरे चरण में खुले मंच का आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं को अलग-अलग विषयों पर अपने विचार रखने का अवसर मिला। सम्मेलन का उद्देश्य युवतियों को अपनी बात रखने, अपनी संभावनाओं और विचारों को सामने रखने तथा सामाजिक विषयों पर सक्रिय रूप से संवाद करने के लिए मंच उपलब्ध कराना रहा।
प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. जुही अग्रवाल ने कहा कि ‘त्वम् हि दुर्गा’ युवती सम्मेलन का उद्देश्य आज की युवतियों में निहित शक्ति को जागृत करना है। आज की युवती में शक्ति और आत्मविश्वास है, जरूरत है कि वह अपनी क्षमताओं को पहचाने और आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि युवतियों को आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है। युवती सशक्त होगी तो परिवार सशक्त होगा, परिवार सशक्त होगा तो समाज सशक्त होगा और समाज सशक्त होगा तो राष्ट्र सशक्त होगा।
उन्होंने कहा कि युवती सम्मेलन युवाओं को अपने विचार, संभावनाएं और सोच रखने का मंच देता है। आज की युवती के अंदर निहित शक्तियों को जागृत करने की आवश्यकता है, ताकि वह चुनौतियों का सामना करते हुए आत्मविश्वास के साथ अपना जीवन जी सके और समाज में अपनी मजबूत भागीदारी निभा सके। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों से आईं करीब 1500 युवतियां शामिल हुईं।