HomeCRIME NEWSबंद इमारत में चल रहा था नकली सिगरेट का खेल, छापे में...

बंद इमारत में चल रहा था नकली सिगरेट का खेल, छापे में एक करोड़ का माल बरामद

-

गोशाला और मशरूम यूनिट की आड़ में कई साल से चल रहा था उत्पादन, दो दर्जन श्रमिकों के रहने-खाने का था इंतजाम


हस्तिनापुर। थाना क्षेत्र के दूधली खादर गांव में पुलिस और सिगरेट निर्माता कंपनी आईटीसी की संयुक्त कार्रवाई में नकली सिगरेट बनाने वाली फैक्टरी का खुलासा हुआ है। गांव के बाहर एक बंद इमारत में गोशाला और मशरूम यूनिट की आड़ में कथित तौर पर नामी ब्रांड के नाम से नकली सिगरेट तैयार की जा रही थीं। टीम ने मौके से करीब एक करोड़ रुपये कीमत की तैयार नकली सिगरेट, कच्चा माल, पैकेजिंग सामग्री और सिगरेट बनाने वाली मशीनें बरामद की हैं।


बताया गया कि फैक्टरी में बाहरी लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित थी। इमारत का गेट सामान्य तौर पर बंद रहता था और कंटेनर के पहुंचने पर ही खोला जाता था। इसी रास्ते से कच्चा माल अंदर पहुंचाने और तैयार सिगरेट बाहर भेजने का काम किया जाता था। पुलिस को आशंका है कि इसी गोपनीय व्यवस्था के चलते लंबे समय तक फैक्टरी की गतिविधियां आसपास के लोगों की नजर से बची रहीं।

आईटीसी के सेल्स अधिकारी रिशु मिश्रा के अनुसार, क्षेत्र में असली सिगरेट की बिक्री में गिरावट के बाद कंपनी ने अपने स्तर से जांच शुरू की थी। कुछ दुकानदारों को कम कीमत पर सिगरेट उपलब्ध कराए जाने की जानकारी मिलने पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई।

हस्तिनापुर क्षेत्र में नकली सिगरेट बनाए जाने की पुष्टि के बाद पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया गया।बृहस्पतिवार को पुलिस और कंपनी की टीम ने इमारत पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में तैयार सिगरेट के अलावा कच्चा माल और मशीनें मिलीं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कथित तौर पर कच्चा माल कंबोडिया से और तंबाकू राजस्थान से मंगाया जाता था।श्रमिकों के रहने-खाने की भी व्यवस्था फैक्टरी में करीब दो दर्जन श्रमिक काम करते थे। इनमें अधिकांश दूसरे जिलों के बताए जा रहे हैं। इमारत के भीतर ही उनके रहने और खाने की व्यवस्था की गई थी। पुलिस के अनुसार, इससे दिन-रात उत्पादन जारी रखने में मदद मिलती थी।

सीओ पंकज लवानिया ने बताया कि शुरुआती जांच में फैक्टरी के संचालन में दिल्ली निवासी रवि किशोर का नाम सामने आया है। हालांकि वह और कुछ अन्य लोग मौके से फरार मिले। पुलिस बरामद माल की सूची तैयार करने के साथ ही फैक्टरी से जुड़े लोगों और सिगरेट की सप्लाई के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि फैक्टरी कितने समय से संचालित थी और अब तक कितना नकली माल बाजार में पहुंचाया गया।

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

[td_block_social_counter custom_title="Stay Connected" block_template_id="td_block_template_4" header_color="#ea2e2e" f_header_font_family="522" f_header_font_transform="uppercase" f_header_font_style="italic" f_header_font_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNSIsInBvcnRyYWl0IjoiMTQifQ==" youtube="#" style="style10 td-social-boxed td-social-colored" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzIiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3fQ==" facebook="#" manual_count_facebook="14000" manual_count_youtube="6000"]

Latest posts