बिजनौर बैराज से छोड़ा 2.11 लाख क्यूसेक पानी, ‘मीडियम फ्लड’ का अलर्ट जारी
बुलंदशहर। अनूपशहर में पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर डराने लगा है। बिजनौर बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण शुक्रवार से अनूपशहर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो जाएगा। सिंचाई व ड्रेनेज विभाग ने नदी के तटीय इलाकों में अलर्ट जारी करते हुए जलस्तर के ‘मीडियम फ्लड’ (मध्यम बाढ़) के स्तर तक पहुंचने की आशंका जताई है।
ड्रेनेज विभाग के सहायक अभियंता अमित किशोर ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही थी। मंगलवार को बैराज से डिस्चार्ज घटकर मात्र 97 हजार क्यूसेक रह गया था। लेकिन ऊपरी इलाकों में तेज बारिश के बाद गुरुवार सुबह 8 बजे 1.33 लाख क्यूसेक और शाम 4 बजे 1.86 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद शुक्रवार सुबह 2.11 लाख क्यूसेक पानी और डिस्चार्ज कर दिया गया।
पानी के इस भारी दबाव से अगले 24 से 48 घंटों के भीतर अनूपशहर और आसपास के निचले इलाकों में बढेगा। अधिकारियों के मुताबिक जलस्तर में अभी और बढ़ोतरी होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का यह सिलसिला बीते एक हफ्ते से जारी है। ठीक सात दिन पहले (पिछले शुक्रवार) भी बिजनौर बैराज से 2.14 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिसके बाद नदी में उफान आ गया था। तीन-चार दिनों की राहत के बाद एक बार फिर 2 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से तटीय गांवों और किसानों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने तटवर्ती क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने और नदी के करीब न जाने की सलाह दी है।