पुलिस पर आंदोलनकारियों को खाना खिलाने के मामले में हिरासत में लेकर धमकाने का है आरोप
गाजियाबाद। सीजेपी छात्र आंदोलन के फूड वॉलंटियर जुनैद मलिक सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। जुनैद मलिक ने गाजियाबाद पुलिस पर हिरासत में लेकर धमकाने और देहरादून रोड पर छोड़ने का आरोप लगाया है।
उनका आरोप है कि गाजियाबाद पुलिस ने पिता को हिरासत में लिया, और घर पर भी छापेमारी की। जुनैद गाजियाबाद के मसूरी क्षेत्र के रहने वाले है। उन्होंने कथित तौर पर पुलिस कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।
गाजियाबाद के रहने वाले वाले जुनैद ने एक वीडियो इंटरव्यू में कहा- कि मैं जंतर मंतर पर धरने पर पहुंचा था। वहां मुझे कुत्ते ने काट लिया था। मैं एक साथी को लेकर आरएमएल अस्प्ताल पहुंचा। 12 बजकर 10 मिनट पर हम निकले। एक आॅटो किया। 50 मीटर की दूरी पर एक गाड़ी हमारे आगे लगा दी। कहा कि घबराइये मत। आगे कहा कि हम दिल्ली पुलिस से है।
इसके बाद कहा कि घबराइए मत हम मारेंगे पीटेंगे नहीं। इसके बाद आंखों पर पट्टी बांध दी। हमें देहरादून रोड पर ले गए। उसके बाद एक साहब आए और मुझसे बात की। उन्होंने बहुत सवाल किए कि कोई फंडिंग तो नहीं आ रही। इतना खाना कहां से बांटते हो। इसके बाद हम हमें गाड़ी में बैठाया।
जहां पर उतारा गया तो हम देख नहीं पाए। हमने पूछा कि यह कौन सी जगह है। मैने कहा कि यह कौन सी जगह है, मुझे बताया कि यह उत्तराखंड में मसूरी है। जिसके बाद मैं वापस आया। जुनैद ने कहा कि मैं प्रदर्शन करने वालों के लिए खाना बांटता था, जहां मेरी पुलिस ने जुनैद की बहन के परिवार को भी हिरासत में लिया था।