बेकाबू होकर कार डिवाइडर से टकराई, कार की सीएनजी किट में विस्फोट के बाद भड़की आग
कानपुर। देहात में कार में सीएनजी ब्लास्ट के बाद आग लग गई। देखते ही देखते कार आग का गोला बन गई। 20 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं। कार सवार दो लोग जिंदा जल गए। आग इतनी भीषण थी कि कार सवार दोनों लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। सीट से उठ तक नहीं पाए। आग पर काबू पाने के बाद जब देखा गया तो शव पूरी तरह से जल चुके थे। सिर्फ हड्डियां और मांस के लोथड़े बचे थे।
हादसा रविवार देर रात 1 बजे हुआ। कार दिल्ली से आ रही थी। कानपुर-इटावा हाईवे पर जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर मुंगीसापुर के पास डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर के बाद ब्लास्ट हुआ, फिर आग लग गई।
मृतकों की शिनाख्त कानपुर नगर के ओम शुक्ला (23) और ड्राइवर गुरप्रीत (40) के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार काफी तेज रफ्तार में थी। करीब 1 घंटे तक जलती रही। डेढ़ किमी. दूर से ही कार से उठती ऊंची-ऊंची लपटें दिखाई दे रही थीं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया।
पुलिस के मुताबिक, कानपुर नगर के बर्रा ओम शुक्ला (23) पुत्र राजीव शुक्ला बाइक-कार मेंटिनेंस की दुकान चलाते हैं। रविवार को बाइक-कार के पार्ट्स लेने के लिए कार (ऊछ 9उ अअ 2619) से दिल्ली गए थे। साथ में कानपुर नगर के मेहरबान सिंह का पुरवा निवासी ड्राइवर गुरप्रीत ढिल्लों (40) पुत्र अजीत सिंह ढिल्लो थे।
दिल्ली से खरीदारी करने के बाद देर रात घर लौट रहे थे। इस दौरान ड्राइवर ने कार से नियंत्रण खो दिया। बेकाबू कार डिवाइडर से टकरा गई। सूचना पर डेरापुर थाना पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद कार की तलाशी ली गई। अंदर से दो लोगों के बुरी तरह जले शव बरामद हुए। पुलिस ने शवों को खुरचकर काली पॉलीथिन पर भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
पुलिस के मुताबिक, शुरूआती जांच में तेज रफ्तार और ड्राइवर को झपकी आना हादसे की वजह लग रही है। सामने आया है कि कार तेज रफ्तार में थी। चालक का वाहन से नियंत्रण हटने के बाद कार सीधे डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर के तुरंत बाद सीएनजी टैंक में विस्फोट हो गया, जिससे आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। कार फॉक्सवैगन वेंटो मॉडल की थी, जो सीएनजी और पेट्रोल से चलती है।
थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह ने बताया कि कार दिल्ली नंबर की है। रजिस्ट्रेशन की जांच में मिले मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया। वहां से बताया गया कि कार काफी पहले बिहार के एक व्यक्ति को बेच दी गई थी। इसके बाद पुलिस को कार में जला हुआ आधार कार्ड मिला। उसी के आधार पर मृतकों की पहचान हुई। अब पुलिस उनके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है।
पुलिस हादसे के सही कारणों की जांच कर रही है। हाईवे और आसपास लगे उउळश् कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि दुर्घटना से पहले के हालात का पता लगाया जा सके।