– खेड़ी कला में वन विभाग की टीम अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराने पहुंची थी।
शारदा रिपोर्टर हस्तिनापुर। ग्राम खेड़ी कला में वन विभाग की टीम सरकारी जमीन को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराने पहुंची। विभाग की कार्रवाई के दौरान कुछ जमीन को खाली भी कराया गया, लेकिन इसके बाद माहौल अचानक बदल गया। बताया जा रहा है कि भूमाफियाओं ने मौके पर पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन किया और वन विभाग की टीम को जमीन जोतने से रोक दिया। हालात ऐसे बने कि अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्रवाई अधूरी छोड़कर वापस लौटना पड़ा।

इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर भूमाफियाओं के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए हैं कि उन्हें प्रशासन और कानून का भी डर नहीं रहा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी विभाग की टीम ही दबाव में लौटने को मजबूर हो जाए, तो आम जनता खुद को कितना सुरक्षित महसूस करेगी। लोगों का यह भी कहना है कि ऐसे तत्वों पर सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होने से उनका मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है।
वन विभाग की टीम के लौटने के बाद अब प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। वहीं दूसरी ओर यह भी चर्चा है कि भूमाफिया खुलेआम अपनी ताकत दिखाकर प्रशासन को चुनौती दे रहे हैं। अब सभी की नजर प्रशासन और वन विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाते हैं या फिर सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे का खेल इसी तरह चलता रहेगा।
ग्राम खेड़ी कला में वन विभाग की जमीन को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। कार्रवाई अधूरी रहने के बाद अब ग्रामीणों ने भी मोर्चा संभाल लिया है। ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर वन विभाग की जमीन को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा होने से गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है और प्रशासन को जल्द सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कदम उठाने की मांग की है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर कब तक जमीन खाली कराई जाएगी।


