– सरकारी काम में बाधा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, निगरानी शुरू।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। बिजली मीटर उखाड़कर फेंकने वालों के खिलाफ बलवा व सरकारी काम में बाधा डालने समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। अज्ञात व्यक्ति व 15-16 महिलाओं के खिलाफ सिविल लाइन थाने में एफआईआर कराई गई है। इन सभी के खिलाफ विभाग ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। दो टीमों को निगरानी के लिए लगाया गया है जो इन घरों की विद्युत सप्लाई पर नजर रखेंगी।

सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मोहनपुरी में रहने वाले लोग पिछले काफी समय से स्मार्ट मीटर का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने बिजली घर से लेकर उच्चाधिकारियों तक से मीटर हटवाकर दोबारा पुराने मीटर लगाने का आग्रह किया लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर सोमवार को इन लोगों ने खुद ही अपने घरों के बाहर लगे स्मार्ट मीटर उखाड़ दिए और उन्हें बिजली घर पर ले जाकर सौंप दिया। इस घटना का उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लिया और एफआईआर के संकेत दे दिए।
मीटर उखाड़ने की घटना को विद्युत विभाग के अफसरों ने गंभीरता से लिया। शाम को ही मोहनपुरी बिजली घर के अवर अभियंता रमेश कुमार की तरफ से सिविल लाइन थाने में तहरीर दे दी गई। इस तहरीर में एक अज्ञात व्यक्ति के साथ करीब 15-16 महिलाओं का जिक्र किया गया था, जो मीटर उखाड़कर यहां लाईं थीं।
पीवीवीएनएल के मुख्य अभियंता (वितरण) मेरठ रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि मीटर उखाड़कर इन लोगों ने सरकारी काम में बाधा डाली है। एक तरह से सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है जो अपने आप में गंभीर मामला है।
जिन लोगों ने मीटर उखाड़कर फेंके हैं, उनको चिह्नित कर लिया गया है। उनकी समस्त डिटेल जुटा ली गई है। मुकदमे पर विवेचना शुरू हो गई है। पुलिस जैसे ही साक्ष्य मांगेगी, वह सभी साक्ष्य सौंप दिए जाएंगे। इन सभी घरों की निगरानी कराई जा रही है।
आर पार की लड़ाई को तैयार: इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व भाजपा के वार्ड 44 से पार्षद उत्तम सैनी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज कराकर विभाग डराना चाहता है लेकिन वह डरने वाले नहीं हैं। अब आर पार की लड़ाई का ऐलान किया जाएगा। इसकी शुरूआत पूरे मोहनपुरी इलाके में लगे स्मार्ट मीटरों को उखड़वाकर किया जाएगा। जल्द ऊर्जा राज्यमंत्री डा. सोमेंद्र तोमर से भी मुलाकात करेंगे।

