Homeशहर और राज्यउत्तर प्रदेशआशुतोष महाराज पर जानलेवा हमले के मामले में बयान दर्ज

आशुतोष महाराज पर जानलेवा हमले के मामले में बयान दर्ज

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– मामले में रीवा एक्सप्रेस के कोच अटेंडेंट, टीटीई, यात्रियों और एस्कॉर्ट के पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज हुए।

प्रयागराज। आशुतोष महाराज पर हमले के मामले में रीवा एक्सप्रेस के कोच अटेंडेंट, टीटीई और एस्कॉर्ट के पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज हुए। 4 यात्रियों से भी पूछताछ की गई। सभी का कहना है कि हमने आशुतोष महाराज पर हमला होते नहीं देखा है। वहीं सोमवार को आशुतोष महाराज बयान दर्ज कराने जीआरपी थाने नहीं पहुंचे। अब आज यानी 10 मार्च को उनके बयान दर्ज होंगे।

 

Ashutosh Maharaj

 

पुलिस ने सिराथू से लेकर प्रयागराज रेलवे स्टेशन तक 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच की। लेकिन कोई भी संदिग्ध व्यक्ति ट्रेन में चढ़ते और उतरते हुए नजर नहीं आया। वहीं, मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर हमले का जिक्र नहीं है।

मोतीलाल नेहरू अस्पताल (कॉल्विन) के डॉक्टरों का कहना है कि आशुतोष महाराज पर किसी खतरनाक धारदार हथियार से हमला नहीं किया गया। बल्कि एक सामान्य धार वाली चीज से वार किया गया है।

दरअसल, आशुतोष महाराज रविवार को रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से प्रयागराज जा रहे थे। रविवार सुबह करीब 5 बजे कौशांबी में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन में उन पर जानलेवा हमला हुआ। हमलावर ने उनके नाक, चेहरे और हाथ पर वार किए। उन्हें प्रयागराज के कॉल्विन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। आशुतोष की पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

आशुतोष महाराज बयान दर्ज कराने थाने नहीं पहुंचे: सोमवार को आशुतोष के बयान दर्ज होने थे। मगर वह जीआरपी थाने नहीं पहुंचे। पुलिस को उन्होंने बताया कि मैं कोर्ट कार्य में बिजी हूं। मेरी तबियत भी ठीक नहीं है। इस कारण से थाने नहीं आ सकता।

जीआरपी ने ट्रेन में चलने वाले जीआरपी-आरपीएफ एस्कार्ट के पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए। उसी कोच में सफर करने वाले 4 यात्रियों से पूछताछ की गई। अब यात्रियों के बयान ऑनकैमरा दर्ज होंगे, जो आशुतोष महाराज वाले कोच में उनकी बर्थ के आसपास की बर्थ पर सफर कर रहे थे।

पुलिस को नहीं मिला घटना का चश्मदीद: प्रयागराज के धूमनगंज के एक यात्री का बयान सोमवार को दर्ज किया जाएगा। यह यात्री उस समय उनके बर्थ के पास की सीट पर सफर कर रहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कोच अटेंडेंट, टीटीई, एस्कॉर्ट के पुलिसकर्मियों और यात्रियों ने अपने बयानों में कहा है कि उन्होंने घटना को अपनी आंखों से नहीं देखा है।

पुलिस इनमें से किसी को भी चश्मदीद की श्रेणी में नहीं मान रही है। आशुतोष महाराज पर हमले की जांच एसपी जीआरपी प्रशांत वर्मा की मानीटरिंग में चल रही है।

हमले के बाद आशुतोष महाराज ने कहा था कि मेरी गर्दन काटने का प्रयास किया गया। मगर मेडिकल रिपोर्ट में इतने गंभीर हमले का जिक्र नहीं है।

डॉक्टरों का कहना है उनके शरीर पर गहरा जख्म नहीं था। ये एक सामान्य खरोंच जैसा है।

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