– सबसे बड़ी रक्षा निर्माण कंपनियों के प्रमुखों के साथ बैठक की।
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को देश की सबसे बड़ी रक्षा निर्माण कंपनियों के प्रमुखों के साथ बैठक की। इस बैठक में कंपनियों ने एक्सक्विजिट क्लास यानी कि उत्तम श्रेणी के हथियारों का उत्पादन 4 गुना बढ़ाने पर सहमति जताई है। ट्रंप ने अपनी ट्रुथ सोशल पोस्ट में इसकी पूरी जानकारी देते हुए लिखा, ह्यहमने अमेरिका की सबसे बड़ी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के साथ बहुत अच्छी बैठक की। हमने उत्पादन और उत्पादन के टाइम टेबल पर चर्चा की। उन्होंने एक्सक्विजिट क्लास हथियारों का उत्पादन 4 गुना बढ़ाने पर सहमति दी है ताकि हम जल्द से जल्द ज्यादा हथियार बना सकें।

ट्रंप ने अपनी पोस्ट में आगे कहा, हथियारों के उत्पादन में बढ़ोत्तरी बैठक से 3 महीने पहले शुरू हो चुकी है और कई हथियारों के प्लांट और उत्पादन पहले से ही जारी हैं। हमारे पास मीडियम और अपर मीडियम ग्रेड मुनिशन की जबरदस्त सप्लाई है, जिसका हम ईरान में इस्तेमाल कर रहे हैं और हाल ही में वेनेजुएला में भी इस्तेमाल किया है। इसके अलावा हमने इन स्तरों पर आॅर्डर भी बढ़ा दिए हैं।
ट्रंप ने बताया कि बैठक में बीएई सिस्टम्स, बोइंग, हनीवेल एयरोस्पेस, एल3हैरिस मिसाइल सॉल्यूशंस, लॉकहीड मार्टिन, नॉर्थ्राॅप ग्रुम्मन और रेथियॉन ग्रुप के शामिल थे। बैठक के अंत में 2 महीने बाद फिर बैठक करने का फैसला लिया गया। ट्रंप ने यह भी कहा कि पूरे अमेरिका में अलग-अलग राज्य इन नए प्लांट्स के लिए बोली लगा रहे हैं। बता दें कि यह बैठक ऐसे समय हुई है जब ईरान में अमेरिका ह्यआॅपरेशन एपिक फ्यूरी चला रहा है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने मीडिया को बताया कि आॅपरेशन एपिक फ्यूरी का टारगेट 4 से 6 हफ्ते में हासिल कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास इन लक्ष्यों को पूरा करने तक और उससे आगे भी पर्याप्त गोला-बारूद और स्टॉक है। आॅपरेशन एपिक फ्यूरी/रोरिंग लायन के तहत अमेरिका और इजरायल की सेनाओं ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई और मिसाइल हमले किए जिनमें तेहरान को काफी नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार को अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने आॅपरेशन एपिक फ्यूरी में मारे गए 6 अमेरिकी सैनिकों के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने पर पोस्ट किया, हमारा राष्ट्र 6 असाधारण अमेरिकी नायकों की मौत पर शोक मना रहा है।
आज रात ईरान पर बड़ा हमला करेगा अमेरिका
नई दिल्ली। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज आठवां दिन है। इस बीच अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने शनिवार को फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा है कि आज रात ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस हमले का मकसद ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को भारी नुकसान पहुंचाना है। उनके अनुसार इस कार्रवाई से ईरान की मिसाइल क्षमता को काफी हद तक कमजोर किया जाएगा।
वहीं, शुक्रवार देर रात इजराइल ने तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर हवाई हमला किया, जिसके बाद आग और धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। दूसरी ओर खबर है कि रूस जंग के दौरान ईरान को खुफिया मदद दे रहा है।
मॉस्को ने ईरान को मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन से जुड़ी जानकारी मुहैया कराई। वॉशिंगटन पोस्ट ने तीन अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि रूस ईरान को ऐसी टारगेटिंग इंटेलिजेंस दे रहा है, जिससे वह अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना सके।
वॉशिंगटन पोस्ट ने तीन अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि रूस ईरान को ऐसी टारगेटिंग इंटेलिजेंस दे रहा है, जिससे वह अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना सके।
ईरान का एक युद्धपोत लावन भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। अठक ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरान ने 28 फरवरी को तकनीकी खराबी आने के बाद भारत से मदद मांगी थी। भारत ने 1 मार्च को जहाज को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति दी और इसके बाद 4 मार्च को यह बंदरगाह पर पहुंच गया। जहाज के 183 क्रू मेंबर फिलहाल कोच्चि में भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं।
ईरान ने पड़ोसी देशों से मांगी माफी
तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका की उस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण करने को कहा गया था। उन्होंने कहा कि ऐसी उम्मीद रखना सिर्फ एक सपना है, जो कभी पूरा नहीं होगा। राज्य टीवी पर प्रसारित अपने रिकॉर्डेड संदेश में उन्होंने अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ईरान किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। हालांकि अपने बयान में राष्ट्रपति पेजेशकियन ने क्षेत्रीय देशों पर हुए हमलों को लेकर खेद भी व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि हाल में खाड़ी के कुछ देशों पर हुए हमले गलतफहमी के कारण हुए और तेहरान आगे ऐसी घटनाओं को रोकने की कोशिश करेगा।
जब तक कि उन देशों की जमीन से ईरान पर कोई हमला न किया जाए। ईरानी मीडिया के अनुसार राष्ट्रपति ने बताया कि ईरान की अंतरिम नेतृत्व परिषद ने कल इस फैसले को मंजूरी दी है। ईरान की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है जब शनिवार सुबह बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात पर हमलों की खबरें सामने आईं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। पश्चिम एशिया में हाल के दिनों में हालात तेजी से बदल रहे हैं। 28 फरवरी को जंग की शुरूआत से अब तक ईरान इस्राइल समेत पश्चिम एशिया के 13 देशों को निशाना बना चुका है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के साथ बढ़ते टकराव के बीच ईरान की सैन्य गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।


