– पेट और गले का मांस गायब।
पीलीभीत। 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला को बाघ ने मार डाला। महिला किसी काम के चलते जंगल में गई हुई थी। तभी झाड़ियों में छिपे बाघ ने हमला कर दिया। जबड़े में गला दबोचकर घने जंगल में लेकर चला गया। परिजनों को सुबह महिला का शव कॉलोनी से महज 200 मीटर दूर जंगल में पड़ा मिला। महिला के पेट और गले का मांस गायब था। गले की हड्डी को बाघ ने तोड़ दिया था। शरीर पर खरोंच के कई निशान थे। आसपास की झाड़ियां टूटी हुई थीं, जिससे स्पष्ट है कि महिला ने अपनी जान बचाने के लिए बाघ से संघर्ष किया।

फिलहाल परिजनों की सूचना पर वन विभाग और पुलिस की टीमें पहुंची हुई हैं। महिला के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। वन विभाग का कहना है- फिलहाल आसपास अब तक बाघ के पंजों के निशान नहीं मिले हैं, पर किसी वन्य जीव के हमले से ही मौत हुई है। घटना जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर थाना न्यूरिया के महोफ वन रेंज की है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ वन रेंज के घने जंगल में बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे ग्रामीणों को एक महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। पेट और गले का मांस गायब था,शरीर पर जंगली जानवर के पंजे के निशान थे। मृतका की पहचान 65 वर्षीय पारुल के रूप में हुई है, जो महोफ कॉलोनी की रहने वाली थीं। कॉलोनी घटनास्थल से महज 200 मीटर दूर है।
बाघ के हमले की सूचना पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया गया। वन विभाग ने आसपास के इलाके में जांच की, पर फिलहाल बाघ या किसी वन्य जीव के पंजे के निशान नहीं मिले।
पति सुकुमार राय के अनुसार, पारुल मंगलवार दोपहर जंगल में लकड़ी बीनने गई थी। काफी देर तक नहीं लौटी तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। परिजनों ने मंगलवार देर शाम पुलिस को सूचना दी। बुधवार सुबह बग्गा बीट क्षेत्र में ग्रामीणों ने जंगल के भीतर शव पड़ा देखा और इसकी सूचना वन विभाग को दी। आशंका है कि झाड़ियों में छिपे बाघ ने महिला पर अचानक हमला किया और जबड़े में दबोचकर घसीट ले गया।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि महोफ रेंज की बग्गा बीट में एक महिला का शव मिला है। प्रथम दृष्टया मामला वन्यजीव के हमले का लग रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सटीक कारण स्पष्ट होंगे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मनीष सिंह ने बताया कि वन विभाग ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और ग्रामीणों को अकेले जंगल की ओर न जाने, खासकर सुबह-शाम के समय सतर्क रहने की हिदायत दी है। बाघ की ट्रैकिंग करने की कोशिश की जा रही है।
कई दिनों से घूम रहा था बाघ
यह घटना यूपी-उत्तराखंड सीमा के पास की है। यह इलाका पहले भी मानव-बाघ संघर्ष के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। घटना के बाद महोफ कॉलोनी और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ की हलचल पिछले कुछ दिनों से देखी जा रही थी।

