– पहले विपक्ष को स्पीकर को साझा पत्र लिखना चाहिये।
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र में हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। खासतौर पर लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के कारण लगातार बाधित हो रही है। आज एक बार-फिर लोकसभा की कार्यवाही को हंगामे के बाद दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

उधर टीएमसी ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इसे लेकर टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने सफाई दी है। उन्होंने एनडीटीवी से कहा कि हमारी राय में पहले विपक्ष को अपनी मांगों को लेकर स्पीकर को एक साझा चिट्ठी लिखनी चाहिए थी और तीन दिनों का समय देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अगर कोई कार्रवाई नहीं होती तो फिर तीन दिन बाद अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देना चाहिए था, तब टीएमसी भी इसमें साथ देती। उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव आखिरी कदम है, पहले ही ब्रह्मास्त्र का इस्तेमाल क्यों करना।
लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस से टीएमसी द्वारा दूरी बनाए जाने पर अभिषेक बनर्जी ने सफाई दी है. एनडीटीवी से अभिषेक बनर्जी ने कहा, हमारी राय में पहले विपक्ष को अपनी मांगों को लेकर स्पीकर को एक साझा चिट्ठी लिखनी चाहिए थी और तीन दिनों का समय देना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि अगर कोई कार्रवाई नहीं होती तो फिर तीन दिन बाद अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देना चाहिए था, तब टीएमसी भी इसमें साथ देती। उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव आखिरी कदम है, पहले ही ब्रह्मास्त्र का इस्तेमाल क्यों करना। अभिषेक बनर्जी ने एनडीटीवी से कहा कि टीएमसी ने कांग्रेस को सुझाव दिया था कि पहले सभी मांगों को लेकर विपक्ष की तरफ से स्पीकर को पत्र लिखा जाए और कार्रवाई को लेकर तीन दिनों का समय दिया जाए। अगर तीन दिन में कोई कार्रवाई नहीं होती है तो अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया जाना चाहिए।
लोकसभा की कार्यवाही नहीं चलने पर दमन और दीव से निर्दलीय सांसद उमेश भाई पटेल ने कहा कि वे संसद भवन में एक पोस्टर लेकर आए हैं, जिस पर लिखा था कि चूहे बिल्ली का खेल बंद करो लोकसभा की कार्यवाही चलने दो। उन्होंने कहा कि उमेश भाई पटेल का कहना है कि हम जैसे निर्दलीय सांसद क्या करें, जहां विधानसभा भी नहीं है। अपने इलाकों की बात कहां उठाएं।
उन्होंने कहा कि जनता ने हमें हंगामे के लिए चुनकर नहीं भेजा है। राज्यसभा की कार्यवाही चल रही है, लेकिन लोकसभा में क्यों व्यवधान पैदा किया जा रहा है। हम दोनों पक्षों से अपील करेंगे कि सदन चलने दे।

