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Tuesday, January 20, 2026
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Meerut News In Hindi: हिंदू संगठन ने पशुपालकों की डेयरियां तोड़ने पर जताया विरोध

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– हिंदू स्वाभिमान परिषद ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर सौंपा जिलाधिकारी को ज्ञापन।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। लाल कुर्ती एवं सदर में उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद पशुपालकों की डेयरी तोडे जाने के विरोध में शुक्रवार को हिन्दू स्वाभिमान परिषद के दर्जनों सदस्यों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।

 

 

इस दौरान एक ज्ञापन डीएम कार्यालय पर सौंपते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित भारद्वाज ने बताया कि, उच्च न्यायालय ने उपरोक्त आदेश के अन्तर्गत म्यूनिसिपल क्षेत्र/छावनी क्षेत्रो में संचालित किये जाने वाली पशुओ की डेयरियो को अन्यच स्थानो पर स्थानान्तरित करने और पशु पालको को डेयरी संचालित करने के लिए कैटल कालोनी बनाने के निर्देश स्थानीय प्रशासन, जिला शासन और छावनी परिषद को दिये थे। किन्तु, उक्त आदेश का स्थानीय प्रशासन ने केवल आंशिक रूप से पालन करते हुए पूर्व संचालित डेयरियों को बंद करा दिया है।

जबकि, कैटल कालोनी आज तक भी विकसित नहीं की गई है और ना ही इसके लिए भूमि उपलब्ध करायी गयी है। इस कारण से अनेको पशुपालक एवं उनके परिवार भूखमरी की कगार पर पहुंच गये है। जबकि, अब उनके सामने अपना जीवन यापन कराने का कष्ट उत्पन्न हो गया है।

उन्होंने कहा कि, उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशो का समुचित एवं अक्षरश: पालन सुनिश्चित किया जाना अति आवश्यक है। अन्यथा संबंधित अधिकारी एवं छावनी परिषद के अधिकारीगण अवमानना एवं अवज्ञा किये जाने के कारण दण्ड के भागी होने चाहिए। उन्होंने कहा कि, पशुओ को टैग नम्बर भी आज तक छावनी परिषद मेरठ में नहीं दिये है और ना ही इसके लिए कोई रजिस्टर बनाया है। जबकि इसके लिए भी स्पष्ट आदेश उच्च न्यायालय ने दिये थे।

बताया कि, उच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन कराने के लिए पीडितो ने अनेकों प्रार्थनापत्र विभिन्न अधिकारियों को दिये है किन्तु उन्होंने कोई कार्यवाही आज तक नहीं की है। सभी पीडित परिवार पारम्पिरिक रूप से पशुओं का पालन एवं उनसे दूध का व्यवसाय करते है। किन्तु कैन्ट बोर्ड की हठधर्मिता एवं गलत नीतियों के कारण सब बेरोजगार हो गये है एवं भूखे मरने की स्थिति में है।

ज्ञापन में कहा कि रोज रोज मरने से एक दिन मर जाना बेहतर है। इसलिये आप हमारी इच्छा मृत्यु की मांग को स्वीकार करने की कृपा करें। वरना न्यायोचित कार्यवाही के लिए संबंधित अधिकारी को आदेश पारित करने के निर्देश दिए जाएं।

 

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