- केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की स्टेटस रिपोर्ट।
- डिजिटल अरेस्ट को लेकर हाई-लेवल इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी बनी।
मुंबई। डिजिटल अरेस्ट मामलों में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है। केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया है कि इस मामले की जांच अब सीबीआई को सौंप दी गई है। सीबीआई ने अब इस मामले में नई एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सरकार ने कोर्ट से कहा है कि डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों से निपटने के लिए एक ठोस और असरदार योजना बनाने में थोड़ा समय लगेगा। इसी वजह से केंद्र ने अदालत से एक महीने का समय मांगा है।

केंद्र सरकार ने यह भी जानकारी दी कि गृह मंत्रालय ने डिजिटल अरेस्ट की समस्या से निपटने के लिए एक हाई-लेवल इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी बनाई है। यह कमेटी अलग-अलग विभागों के साथ मिलकर काम कर रही है और लोगों से मिले सुझावों पर भी विचार कर रही है।
सरकार का कहना है कि सभी सुझावों को ध्यान में रखते हुए एक मजबूत योजना तैयार करने के लिए समय जरूरी है, ताकि आगे चलकर लोगों को ऐसे आॅनलाइन धोखाधड़ी और डराने वाले मामलों से बचाया जा सके। इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। बता दें कि पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट मामलों की जांच सीबीआई से करवाने के आदेश दिए थे। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है और बताया है कि गृह मंत्रालय ने देश में डिजिटल अरेस्ट के मुद्दे के सभी पहलुओं की पूरी तरह से जांच करने के लिए एक हाई-लेवल इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी की अध्यक्षता गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) कर रहे हैं, जो इसके चेयरपर्सन हैं।
सरकार का कहना है कि सभी सुझावों को ध्यान में रखते हुए एक मजबूत योजना तैयार करने के लिए समय जरूरी है, ताकि आगे चलकर लोगों को ऐसे आॅनलाइन धोखाधड़ी और डराने वाले मामलों से बचाया जा सके। इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। बता दें कि पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट मामलों की जांच सीबीआई से करवाने के आदेश दिए थे।


