– बसपा अध्यक्ष मायावती, आसपा अध्यक्ष सांसद चंद्रशेखर और अखिलेश यादव ने किये पोस्ट।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। सरधना थानाक्षेत्र के ज्वालागढ़ गांव में हुए रानू कश्यप हत्याकांड में राजनीति गमार्ने लगी है। इस मामले पर अब अखिलेश यादव, मायावती और चंद्रशेखर तीनों ने एक्स पर पोस्ट किया है। वहीं कांग्रेस ने भी इस मामले पर नाराजगी जाहिर की है। बता दें कि सरधना में सात दिन पहले एक युवक की अधजली लाश मिली थी। पुलिस इस मामले का खुलासा कर चुकी है। पुलिस के अनुसार युवक की पहले ईंट मारकर हत्या की गई थी, इसके बाद साक्षय मिटाने के लिए उसकी लाश को मोबिआॅइल डालकर जला दिया गया था। लेकिन लोगों का कहना है कि रानू को जिंदा जलाकर मारा गया है।

एक्स पर पोस्ट में सांसद चंद्रशेखर ने लिखा कि मेरठ की तहसील सरधना क्षेत्र के ग्राम ज्वालागढ़ में कश्यप समाज के युवक रानू कश्यप को पहले शराब पिलाई गई, फिर उसके पास मौजूद लगभग 80,000 रुपये लूट लिए गए और उसके बाद उसे जिंदा जला दिया गया। यह सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि मानवता को शर्मसार करने वाला जघन्य अपराध है। दिनांक 5 जनवरी 2026 (सोमवार) को हुई इस घटना के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हम इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हैं । हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें यह असीम दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करे। हम प्रदेश सरकार से मांग करते हैं कि सभी फरार आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए,मामले की निष्पक्ष एवं तेज जांच कराई जाए,पीड़ित परिवार को सरकारी सुरक्षा, उचित मुआवजा और न्याय प्रदान किया जाए।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक्स पर कहा कि दबंगों ने सरधना क्षेत्र के ज्वालागढ़ में कश्यप समाज के एक युवक की हत्या का जो ह्यकुकृत्य किया है, उसके लिए हम पूरे पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज की तरफ से आवाज उठाते हैं।
मायावती ने भी एक्स पर कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अंतर्गत आने वाले कश्यप समुदाय के युवक की हत्या की कड़ी निंदा की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसे असामाजिक और आपराधिक तत्वों को कानून का डर होना जरूरी है।
इस बीच अखिलेश यादव और मायावती के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए मेरठ पुलिस ने कहा कि यह मामला हाल का नहीं है और हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर घटना के 24 घंटे के भीतर मामले को सुलझा लिया गया था। उन्होंने बताया कि आरोपी नाबालिग है, जिसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश कर बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।

