- करीब आए भारत और चीन; खूब करने लगे सामानों का लेनदेन।
एजेंसी, नई दिल्ली। अमेरिका ने टैरिफ लगाया तो भारत ने भी रास्ते तलाशने शुरू कर दिए और दूसरे देशों में ज्यादा से ज्यादा अपने सामान भेजने लगा। इनमें चीन भी शामिल है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ के चलते अमेरिका के लिए भारत के निर्यात में गिरावट आई है। अमेरिका भारतीय सामानों के एक्सपोर्ट के लिए एक बड़ा बाजार है, जो टैरिफ के चलते प्रभावित हुआ है। हालांकि, भारत ने भी अपना रास्ता ढूंढ़ लिया है और कई दूसरे देशों के लिए अपना एक्सपोर्ट बढ़ा दिया है जैसे कि संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, सिंगापुर, नीदरलैंड्स और यूरोपीय यूनियन में शामिल देश। इनके अलावा, कई अन्य देशों में भी भारत से सामान भेजे जा रहे हैं, जिनमें से एक चीन भी है।

चीन के लिए बढ़ा भारत का एक्सपोर्ट: वित्त मंत्रालय के आंकड़ों मुताबिक, चीन धीरे-धीरे भारत के लिए एक प्रमुख एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन हब बनकर उभर रहा है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल-नवंबर के दौरान चीन के लिए भारत का शिपमेंट 33 परसेंट बढ़कर 12.22 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच कारोबार के बढ़ते दायरे से एक स्ट्रक्चरल बदलाव का संकेत मिल रहा है। आंकड़ों से पता चला है कि एक्सपोर्ट में यह बढ़ोतरी ऑयल मील, सी-फूड आइटम्स, टेलीकॉम इक्वीपमेंट्स और मसालों के चलते हुई है।
अरबों डॉलर का हो रहा कारोबार: अप्रैल-नवंबर 2024-25 के दौरान भारत ने 9.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर के सामान का निर्यात किया। यह अप्रैल-नवंबर 2022-23 में 9.89 बिलियन अमेरिकी डॉलर और 2023-24 में 10.28 बिलियन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कहीं ज्यादा है। आंकड़ों से पता चला है कि 2025-26 में 12.22 बिलियन अमेरिकी डॉलर की भारी बढ़ोतरी न केवल पिछले साल की गिरावट से ज्यादा है, बल्कि पिछले चार सालों का सबसे हाई लेवल भी है।
किन चीजों का हो रहा एक्सपोर्ट? : भारत से चीन को एक्सपोर्ट किए जाने वाले सामानों में हरी मूंग, सूखी मिर्च, तेल-खली जैसे कृषि उत्पादों के अलावा, ब्लैक टाइगर प्रॉन, वन्नामेई झींगा जैसे सी-फूड आइटम्स शामिल हैं।
इनके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक सेगमेंट में गुजरे आठ महीनों में जिन उत्पादों को भेजे जाने में तेजी आई है, उनमें पॉपुलेटेड प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (एक्सपोर्ट यूएसडी 23.9 मिलियन से बढ़कर यूएसडी 922.4 मिलियन हो गया), फ्लैट पैनल डिस्प्ले मॉड्यूल और टेलीफोनी के लिए दूसरे इलेक्ट्रिकल उपकरण शामिल हैं।
इसी तरह, एल्युमिनियम और रिफाइंड कॉपर बिलेट्स ने भी एक्सपोर्ट ग्रोथ देखा। यानी कि इससे यह साफ है कि एक्सपोर्ट केवल कुछ चीजों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा काफी बड़ा है।


