– सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। कपसाड़ गांव में लड़की के अपहरण के दौरान हुई महिला की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है, जिसके बाद विपक्षी दल प्रदेश सरकार की घेराबंदी में जुट गए हैं।
घटना के विरोध में शुक्रवार सुबह समाजवादी पार्टी के कार्यकतार्ओं ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रदेश सरकार का पुतला दहन का प्रयास किया। हालांकि झड़प के बाद पुलिस पुतला छीनने में सफल हो गई। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष विपिन चौधरी और सपा नेता हिमांशु सिद्धार्थ के नेतृत्व में कार्यकर्ता कमिश्नरी पार्क में एकत्र हुए। यहां से कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में आगे बढ़े। इस दौरान सपा कार्यकतार्ओं के हाथ में पुतला देखकर पुलिस में खलबली मच गई।

सपा कार्यकतार्ओं के एकत्र होने की सूचना पर पुलिस अलर्ट हो चुकी थी। पहले पुलिस को यह बताया गया कि सपाई अपराध का पुतला जलाएंगे लेकिन कमिश्नरी के गेट के ठीक सामने अचानक प्रदेश सरकार और योगी-मोदी मुदार्बाद के नारे लगाते हुए सपा कार्यकर्ताओ ने पुतला जलाने की कोशिश की। पुलिसकर्मी भिड़ गए और पुतला छीन लिया।
पुतला छीनने के बाद सपा कार्यकतार्ओं ने प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पूर्व जिला अध्यक्ष विपिन चौधरी ने कहा कि योगी सरकार केवल गरीबों के घरों पर ही बुलडोजर चला सकती है।
अब मामला ऊंची जात से जुड़ा है। अब देखा जाएगा कि यह सरकार कब बुलडोजर चलाएगी। कब हत्यारे को गोली मारेगी। हिमांशु सिद्धार्थ ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है।
कमिश्नरी से समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और वहां भी प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरने का काम किया।
इस दौरान मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सोपा गया। प्रदेश सरकार का पुतला दहन की कोशिश के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। तत्काल कमिश्नरी पर फोर्स तैनात कर दिया गया। सिविल लाइन थाने के अलावा नौचंदी, मेडिकल और लालकुर्ती थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद कमिश्नरी पर हर तरफ फोर्स ही फोर्स दिखाई दिया।


