– एआई एवं सतत विकास पर में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार सम्पन्न।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के इंजीनियरिंग संस्थान (कंप्यूटर विज्ञान विभाग) द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बदलते स्वरूप, सतत विकास की दिशा में उसकी उपयोगिता तथा विकसित भारत के निर्माण में तकनीक की भूमिका से जोड़ना था।
सेमिनार का शुभारंभ संस्थान के निदेशक प्रो. नीरज सिंघल एवं मुख्य वक्ता द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर निदेशक प्रो. सिंघल ने कहा कि एआई आज की दुनिया में केवल तकनीक नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और शासन-प्रणाली को पुनर्परिभाषित करने वाला परिवर्तनकारी उपकरण है। विद्यार्थियों को इसमें कौशल विकसित करने के लिए ऐसी गतिविधियों का निरंतर आयोजन अत्यंत आवश्यक है।
मुख्य वक्ता प्रो. खान ने अपने उद्बोधन में बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता सतत विकास के सभी आयामों को गति दे रही है। स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण, कृषि प्रबंधन, स्मार्ट एजुकेशन और डिजिटल शासन की दिशा में एआई अभूतपूर्व परिवर्तन ला रहा है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में एआई एक आधार स्तंभ की भूमिका निभाएगा। पहले दिन विभाग के शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा एआई जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। तकनीकी सत्रों में छात्रों ने पोस्टर प्रेजेंटेशन एवं डेमो के माध्यम से एआई आधारित मॉडलों का प्रदर्शन किया, जिनकी विशेषज्ञों ने सराहना की। दूसरे दिन आयोजित पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने अक के नैतिक पक्ष, डेटा सुरक्षा, रोजगार के नए अवसर और सतत विकास लक्ष्यों में इसकी भूमिका पर विचार रखे।
साथ ही हैंड्स-आॅन वर्कशॉप के माध्यम से विद्यार्थियों को
मशीन लर्निंग मॉडल बनाना,ग्रीन अक टूल्स का उपयोग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की रणनीतियां का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इससे विद्यार्थियों को वास्तविक तकनीकी अनुप्रयोगों को समझने में गहरा लाभ मिला। रोजगार एवं स्टार्टअप संभावनाओं के बारे में महत्वपूर्ण ज्ञान प्रदान किया। छात्रों ने सेमिनार को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक और करियर उन्मुख बताया। कार्यक्रम का संचालन तृतीय वर्ष की प्रतिभाशाली छात्रा अनन्या त्यागी ने किया।


