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Thursday, January 29, 2026
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Homeउत्तर प्रदेशMeerutसरकारी स्कूलों का विलय कमजोर वर्ग के लिए बेहतर

सरकारी स्कूलों का विलय कमजोर वर्ग के लिए बेहतर

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शारदा रिपोर्टर मेरठ। भाजपा नेता पंडित सुनील भराला ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता की। प्राथमिक विद्यालयों के विलय पर सरकार के निर्णय को वापस लेने का स्वागत करना चाहिए। क्योंकि, मुख्यमंत्री द्वारा लिया गया फैसला विपक्षी दलों के मुंह पर योगी सरकार का जोरदार तमाचा है। यह फैसला गरीब एवं ग्रामीण छात्रों की शिक्षा के हित में लिया गया ऐतिहासिक निर्णय है।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 50 से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों के प्रस्तावित विलय के निर्णय को वापिस लेने की घोषणा पर भाजपा के पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री एवं राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक सुनील भराला ने संतोष व्यक्त किया।

सरकार के इस संवेदनशील निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि, भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को आगे बढ़ाया है। कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में लिया गया यह निर्णय न केवल ग्रामीण भारत के भविष्य को सुरक्षित करेगा, बल्कि समाज के सबसे कमजोर वर्ग झुग्गी झोपड़ी बस्ती में रहने वाले परिवारों को भी मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम बनेगा।

 

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