- अंधे और विकलांग भाई को ओपीडी में ले जाने के लिए अन्य मरीजों से गुहार लगाती रही बहन।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। एलएलआरएम में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही मरीजों की मुश्किलों को बढ़ा रही हैं। अपने भाई का इलाज कराने पहुंची एक महिला डेढ़ घंटा अस्पताल प्रबंधन से व्हील चेयर और उसको चलाकर ऊपर ओपीडी तक ले जाने के लिए वार्ड बॉय के लिए कहती रही लेकिन उसको कोई मदद नहीं मिली। मेरठ मेडिकल में लगभग 4000 मरीज लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। इन मरीजों को प्रयाप्त सुविधा न मिल पाने के कारण यह अस्पताल प्रबंधन से शिकायत भी करते हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं की जाती है। ऐसे में मरीज बताते हैं कि स्टाफ से कुछ पूछने पर अभद्र व्यहवार भी किया जाता है।
महिला प्रवीण ने बताया कि जब वह अपने भाई गुसमीत को लेकर पहुंची तो काफी देर तक खड़े रहने के बाद उसे एक टूटी हुई व्हील चेयर दी गई इसके बाद उस पर मरीज को बैठा कर डेढ़ घंटा इंतजार कर उसे दूसरी चेयर मिली।
जब महिला इसकी शिकायत करने अधीक्षक धीरज बालियान के आॅफिस में गई तो वह वहां मौजूद नहीं थे। अंदर बैठी एक महिला से पूछा तो उसने कोई जवाब नहीं दिया और अपना काम करती रही।
पर्चा बनने के डेढ़ घंटे तक महिला को जब कोई वॉर्ड बॉय नहीं मिला तो उसने अन्य मरीजों के साथ मौजूद तीमारदारों से मदद मांगनी शुरू की। इसके बाद दो लोगों ने महिला के भाई की व्हील चेयर को ऊपर कमरा नंबर 10 में चल रही आंखों की ओपीडी तक पहुंचाया।
लापरवाही से जा चुकी है मरीज की जान
अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों की लापरवाही के कारण हाल ही में मरीज की जान भी जा चुकी है। इसके बाद भी प्रबंधन द्वारा इस और कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मरीज सुबह से लाइन में लग कर अपना पर्चा बनवाते है और घंटों फिर इलाज कराने के लिए परेशान घूमते दिखाई देते हैं।


