शारदा रिपोर्टर मेरठ। इंडस्ट्रियल लॉ रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई है। एसोसिएशन का मुख्य उद्देश्य जनता को सस्ता और सुलभ न्याय प्रदान करना है। साथ ही वे हाई कोर्ट बेंच की स्थापना की भी मांग कर रहे हैं।
संगठन के अध्यक्ष मुनेश त्यागी ने कहा कि भारत का अधिवक्ता समाज गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। एसोसिएशन ने श्रम न्यायालयों में न्यायाधीशों और कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने की मांग की है। वर्तमान में लगभग 50 प्रतिशत पद खाली हैं। एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में सभी वकीलों के परिवार सहित आजीवन मेडिकल बीमा, चैंबर की व्यवस्था, और 60 वर्ष से अधिक आयु के वकीलों को 20,000 रुपए प्रतिमाह पेंशन शामिल है।
इसके अलावा जूनियर एडवोकेट को प्रारंभिक 5 वर्षों तक 15,000 रुपए प्रतिमाह स्थाई भुगतान की मांग भी की गई है। अन्य मांगों में अधिवक्ता सुरक्षा कानून का निर्माण, वकीलों को टोल टैक्स से मुक्ति, बड़े प्रदेशों में हाई कोर्ट बेंच की स्थापना और वकीलों की मृत्यु पर 15 लाख रुपए की सहायता राशि शामिल है। साथ ही कचहरी परिसर में सभी वकीलों को मुफ्त बिजली और आवागमन की समुचित व्यवस्था की मांग भी की गई है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तो वे दिल्ली तक पैदल मार्च करने की योजना बना रहे हैं। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य
सरकार पर दबाव बनाना और न्याय व्यवस्था में सुधार लाना है।


