– 12 हजार वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा लेने पहुंची टीम, दरी बिछाकर बैठे किसान, कई दिन से कब्जे को लेकर हो रहा विरोध।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। अब्दुल्लापुर में 12 हजार वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा लेने पहुंची मेरठ विकास प्राधिकरण की टीम का किसानों ने विरोध कर दिया। किसान जमीन पर दरी बिछाकर बैठ गए। इसके बाद कई थानों का फोर्स बुला लिया गया है। फिलहाल किसानों से बात की जा रही है। अफसरों का कहना है कि उनके पास सुप्रीम कोर्ट का आदेश है। किसानों ने जमीन खाली नहीं की तो वह बल पूर्वक जगह खाली कराएंगे।

अब्दुल्लापुर में बीएनजी के निकट 12 हजार वर्ग मीटर जमीन है, जिसे वर्ष 1992 में मेरठ विकास प्राधिकरण यानि मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने वीरेंद्र और लक्ष्मण नाम के दो किसानों से खरीदा था। आरोप है कि मेडा ने उनकी जमीन का पूरा पैसा नहीं दिया जिसके बाद से किसान विरोध में खड़े है।
मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो किसानों को स्टे मिल गया। इसके बाद मेडा सुप्रीम कोर्ट चला गया। कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने स्टे खारिज कर दिया और जमीन पर कब्जा दिलाने के आदेश जारी कर दिए।
दावा किया जा रहा है कि विभाग के पास सुप्रीम कोर्ट का आदेश है। मेडा के अफसर सुबह पुलिस फोर्स लेकर जमीन पर पहुंचे तो बड़ी संख्या में महिला व पुरुष विरोध में खड़े हो गए। इसके बाद उन्होंने वहीं पर दरी बिछा दी और धरना शुरू कर दिया।
पुलिस फिलहाल किसानों को समझाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है कि वह कोर्ट के आदेश पर जमीन खाली कराने आए हैं। अगर सीधे तरीके से जमीन खाली नहीं हुई तो उन्हें उंगली टेड़ी करनी होगी।
किसान नेता गौरव गुर्जर के नेतृत्व में यह परिवार आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि वर्तमान रेटों के आधार पर उनकी जमीन का मुआवजा दिया जाए। काफी देर जब समझाने पर किसान नहीं माने तो सीओ सदर देहात ने अतिरिक्त पुलिस फोर्स बुला लिया। कई गाड़ियों की व्यवस्था भी की गई है। अफसरों का कहना है कि अगर किसानों को जबरन ले जाने की जरूरत पड़ी तो पुलिस पीछे नहीं रहेगी।
जिस जगह जमीन पर कब्जा लेने टीम पहुंची है, वहां कई झोपड़ी डालकर किसान रह रहे हैं। विरोध के चलते यहां रह रहीं महिलाएं भी विरोध में खड़ी हो गई हैं। इसके चलते महिला पुलिस फोर्स भी बुला लिया गया है। यह महिला पुलिसकर्मी विरोध में खड़ी इन महिलाओं को संभाले हुए हैं।
सीओ सदर देहात शिव प्रताप सिंह ने किसानों को समझाया कि वह कोर्ट के आदेश पर कब्जा दिलाने आए हैं लेकिन किसान सुनने को तैयार नहीं हैं।
पुलिस फोर्स एक्शन मोड में दिखाई दे रही है। मौके पर मेडा के सचिव आनंद कुमार, जोनल अधिकारी अर्पित यादव, सहायक अभियंता हंसराज, मनीष कुमार तिवारी के अलावा योजना प्रभारी निकेता सिंह भी मौजूद हैं।

