Homepolitics newsहम तो शांति और युद्धविराम ही चाहते हैं: चीन

हम तो शांति और युद्धविराम ही चाहते हैं: चीन

-

एजेंसी, नई दिल्ली। चीन ने ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच हुए युद्धविराम समझौते का स्वागत किया, लेकिन ईरान के साथ किसी भी प्रत्यक्ष वार्ता की पुष्टि नहीं की, जिसके कारण समझौते को स्वीकार किया गया हो। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने पाकिस्तान और अन्य देशों के प्रयासों का भी स्वागत किया और विस्तार से बताए बिना कहा कि चीन ने भी अपने स्तर पर प्रयास किए। बीजिंग में माओ ने कहा, हम शांति वार्ता और युद्धविराम की वकालत करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि चीनी अधिकारी शांति की दिशा में रचनात्मक भूमिका निभाते रहेंगे।

चीन का कहना है कि वह शांति की दिशा में ‘रचनात्मक भूमिका’ निभाएगा। चीन और पाकिस्तान ने कुछ दिन पहले एक महीने से चल रहे युद्ध के बाद मध्य पूर्व में शांति बहाल करने के उद्देश्य से पांच सूत्री प्रस्ताव को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई थी।  उन्होंने कहा कि वे जिन पांच बिंदुओं पर काम करेंगे उनमें तत्काल शत्रुता का अंत, यथाशीघ्र शांति वार्ता की शुरुआत, गैर-सैन्य लक्ष्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, होर्मुज जलडमरूमध्य से नौवहन सुरक्षा की गारंटी देना और संयुक्त राष्ट्र चार्टर की सर्वोच्चता की रक्षा करना शामिल है।

सूत्रों के मुताबिक ईरान को युद्धविराम के लिए चीन ने ही मनाया, ऐसा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था। सीजफायर से चीन का भी फायदा होना है क्योंकि चीन ईरान का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर और ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा जंग खत्म होना चीन के हित में था। स्टेट ऑफ हॉर्मुज़ को नॉर्मलाइज करना भी चीन के लिए जरूरी है, ताकि तेल आपूर्ति बाधित न हो।  ईरान के कच्चे तेल पर चीन को भारी डिस्काउंट मिलता रहा है, तेल की सप्लाई रुकने से चीन को भी नुकसान हो रहा था।

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

4,000,000FansLike
100,000SubscribersSubscribe

Latest posts