शारदा रिपोर्टर मेरठ। यूजीसी द्वारा बनाये गये कानून को रद्द किये जाने की मांग को लेकर मंगलवार को भारतीय जन साधारण पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।

इस दौरान उन्होंने एक ज्ञापन डीएम कार्यालय पर सौंपते हुए बताया कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा यूजीसी कानून वर्तमान में बनाया गया। जो कानून भारतीय जन साधारण में भेदभाव को बढ़ावा देने वाला कानून है। जबकि, यह कानून मेहनतकश बच्चों को मेहनत ना करने के लिए उकसाएगा। बल्कि, एक वर्ग को जन्मजात अपराधी की श्रेणी में डाल देगा। दूसरे वर्ग को इस कानून का सहारा लेकर अत्याचार करने, झूठे आरोप लगाने को बढावा देते हुए समाज में वैमनस्यता को बढावा देने वाला कानून है।
ये समाज में असुरक्षा की भावना को जन्म देगा। इसलिए भारतीय जनसाधारण पार्टी के सदस्य ओबीसी व सामान्य वर्ग के कार्यकर्ता यह मांग करते हैं कि, बच्चा जिस लायक हो, उसे उस काम पर लगाया जाये और ये यूजीसी द्वारा बनाया गया कानून समाप्त किया जाये, जिससे समाज में वैमनस्यता को बढ़ावा ना मिल सके। देश प्रगति की तरफ अग्रसर है। जातिगत आरक्षण देश को दीमक की तरह खा रहा है, उसे समय रहते हुए समाप्त किया जाये व आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू किया जाये।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिवाच, राष्ट्रीय संगठन मंत्री हरी ओम सिंघल, किरन लाल, सत्यप्रकाश चौधरी, मुक्ता चौधरी, रमा कुमारी, नवीन, नरेश चौधरी बंटी चौधरी पंकज सिवाय, चमन सिंह ढाका, मोहित शर्मा, नरेन्द्र शर्मा, तुषार सिंह, राजीव तेवतिया, सरजीत, देवेन्द्र, अनुज चौधरी, शान्ति, अमर शर्मा, चौधरी मुलख राज सिंह, मानु प्रताप, उदयवीर सिंह, ब्रजभूषण जैन, शुभम जैन, उमेश चौहान, मनोज सैनी प्रदीप भारद्वाज, अमित गुप्ता, जितेन्द्र कुमार, हिमांशु शर्मा, डा प्रदीप नागर, रविंदर ध्यानी आदि मौजूद रहे।


