– सऊदी में नौकरी का झांसा देकर पैसे लिए।
सहारनपुर। सऊदी अरब में ड्राइवर की नौकरी का झांसा देकर 2 लाख की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि उसे ड्राइवर की नौकरी के लिए कहा गया था लेकिन उसे भेड़ की देखरेख का काम कराने लगे। पीड़ित युवक ने एसीजेएम देवबंद की कोर्ट प्रार्थना पत्र देकर थाना देवबंद पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश देने की मांग की थी। जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है।

शामली के थाना झिंझाना के गांव बसी चुन्धियारी के रहने वाले अजीम पुत्र नसीम ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उसकी जान-पहचान देवबंद के गांव राजूपुर निवासी कामिल पुत्र जीशान और अहसान पुत्र जीशान से थी।
दोनों पर वह काफी विश्वास करता था। करीब दो माह पूर्व आरोपियों ने उसे सऊदी अरब में ड्राइवरी की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। कहा गया कि वहां अच्छी तनख्वाह मिलेगी और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर दो लाख रुपये देने होंगे, जो बाद में वेतन में जुड़कर वापस हो जाएंगे।
पीड़ित के अनुसार, उसने आरोपियों पर भरोसा कर 1.30 लाख रुपए नकद गवाहों अमरेज पुत्र मेहंदी हसन निवासी रहमतनगर देवबंद और नौशाद पुत्र जमशैद निवासी पठानपुरा कस्बा देवबंद के सामने दिए। इसके अलावा 70 हजार रुपए आरोपियों द्वारा बताए गए फोन-पे नंबर पर अपने खाते से ट्रांसफर किए।
अजीम का आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने उसे ड्राइवरी का एक एग्रीमेंट दिखाया, जिस पर हाउस ड्राइवर लिखा था। उससे हस्ताक्षर कराकर वीजा उपलब्ध कराया गया और उसे सऊदी अरब भेज दिया गया। लेकिन वहां पहुंचने पर उसे ड्राइवर का काम नहीं मिला। बल्कि भेड़ चराने और घास खोदने का काम सौंप दिया गया। जब उसने आपत्ति की तो कथित रूप से कहा गया कि उसे मजदूर के तौर पर ही भेजा गया है और वही काम करना होगा।
पीड़ित ने कोर्ट को बताया कि विदेश में उसे मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा और कई दिनों तक भूखा-प्यासा भी रहना पड़ा। किसी तरह वह भारत वापस लौटा और अपने परिजनों को पूरी घटना बताई। इसके बाद उसने आरोपियों से संपर्क किया। आरोप है कि दोनों लगातार दो लाख रुपए वापस करने का आश्वासन देते रहे।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि 21 नवंबर 2025 को दोपहर करीब 3:30 बजे वह अपने गवाहों के साथ आरोपियों के घर ग्राम राजूपुर पहुंचा और अपने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि इस दौरान दोनों आरोपी तैश में आ गए, गाली-गलौज की और थप्पड़-मुक्कों से मारपीट की। साथ ही कथित रूप से धमकी दी कि यदि दोबारा पैसे मांगने या कोई कानूनी कार्रवाई करने आया तो जान से मार देंगे। गवाहों ने बीच-बचाव कर उसे बचाया।
अजीम ने कोर्ट में आरोप लगाया है कि दोनों आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर फर्जी व कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और धोखाधड़ी कर उसकी दो लाख रुपए की धनराशि हड़प ली। उसने इसे अमानत में खयानत और गंभीर प्रकृति का अपराध बताया है।
पीड़ित का कहना है कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने वह थाना देवबंद गया, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसने एसएसपी सहारनपुर को रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से शिकायत भेजी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

